आदिवासी नेता निशा भगत का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा
मिली जानकारी के अनुसार, निशा भगत आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय थीं। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
निशा भगत की मौत को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा था कि निशा भगत आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करती थीं। उन्होंने एक कथित वीडियो में कुछ लोगों के नाम सामने आने की जानकारी मिलने की बात भी कही थी।
हालांकि, मरांडी ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने पूरा वीडियो नहीं देखा है। ऐसे में वीडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। निशा भगत की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से जुड़े तथ्यों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल परिजन शव लेकर अपने गांव रवाना हो गए हैं। इस घटना के बाद आदिवासी समाज से जुड़े लोगों और राजनीतिक हलकों में निशा भगत की मौत को लेकर चर्चा जारी है।
Source link


