इस दिन भारत में दिखेगा साल का आखिरी ब्लड मून, जानें समय, सूतक काल और 5 खास बातें

Lunar Eclipse 2025 : नई दिल्ली। हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व है और साल 2025 का दूसरा व आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा के दिन होने जा रहा है। यह खगोलीय घटना न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास मानी जा रही है। इस चंद्र ग्रहण को ब्लड मून कहा जा रहा है, क्योंकि इस दौरान चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा। भारत में यह ग्रहण पूर्ण रूप से दिखाई देगा, जिसके कारण इसका सूतक काल भी मान्य होगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और धार्मिक आयोजनों पर रोक रहेगी। तो आइए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण का समय, चरम बिंदु, सूतक काल और इससे जुड़ी 5 खास बातें।


1. चंद्र ग्रहण का समय और अवधि-

यह चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को रात 9 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा और 8 सितंबर की मध्यरात्रि 1 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 29 मिनट की होगी। यह भारत में पूर्ण रूप से दिखाई देगा, जिससे खगोल प्रेमियों और धार्मिक अनुयायियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटना होगी।


2. चंद्र ग्रहण का चरम बिंदु-

वैदिक पंचांग के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण रात 11 बजे से 12 बजकर 22 मिनट तक अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में होगा, और लाल रंग का प्रभाव सबसे स्पष्ट दिखाई देगा, जिसे ब्लड मून के रूप में जाना जाता है। यह दृश्य खगोल प्रेमियों के लिए एक शानदार अनुभव होगा।


3. सूतक काल का समय-

चंद्र ग्रहण का सूतक काल 7 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा और ग्रहण की समाप्ति के साथ यानी 8 सितंबर की मध्यरात्रि 1 बजकर 26 मिनट पर खत्म होगा। सूतक काल के दौरान धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।


4. चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण और सूतक काल के दौरान भोजन बनाना या खाना वर्जित है। इस समय सुई, कैंची, चाकू जैसी धारदार वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों पर भी रोक रहती है। गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने और नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बजाय, इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र या चंद्र बीज मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।


5. कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण-

यह चंद्र ग्रहण भारत के सभी प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, हैदराबाद और चंडीगढ़ में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इसके अलावा, यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्सों, फिजी द्वीप समूह और अंटार्कटिका में भी नजर आएगा। भारत में यह ग्रहण पूरी तरह से दिखने के कारण इसका धार्मिक और ज्योतिषीय प्रभाव अधिक होगा।


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