एनआईटी रायपुर में कुत्ते के साथ क्रूरता एवं

रायपुर, छत्तीसगढ़ | CG NEWS: छत्तीसगढ़ की पशु कल्याण संस्थाओं ने 4 जून 2026 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर परिसर में रहने वाले एक सामुदायिक कुत्ते के साथ कथित रूप से हुई क्रूरता की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

एनआईटी रायपुर के छात्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक सामुदायिक कुत्ते को कुछ छात्रों को काटने की कथित घटना के बाद सुरक्षा कर्मियों द्वारा बेरहमी से पीटा गया। छात्रों ने आशंका व्यक्त की कि कुत्ते की जान को खतरा है और तत्काल बचाव के लिए पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) की रेस्क्यू टीम से संपर्क किया।

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सूचना मिलने के बाद जब रेस्क्यू टीम परिसर पहुंची, तब तक कुत्ते को वहां से हटा दिया गया था। छात्रों द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में कथित रूप से दिखाई देता है कि 5-6 सुरक्षा कर्मियों द्वारा डंडों से मारने के बाद कुत्ता अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है तथा उसके जबड़े और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि एनआईटी रायपुर प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षा कर्मियों ने घायल कुत्ते को परिसर के बाहर कहीं और छोड़ दिया।

वाटिका एनिमल सैंक्चुअरी की प्रतिनिधि एवं पशु कल्याण कार्यकर्ता सुश्री कस्तूरी बल्लाल ने कहा:

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“कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं है। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) तथा एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियम सामुदायिक कुत्तों के मानवीय प्रबंधन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं। यदि किसी कुत्ते के व्यवहार या काटने की घटना को लेकर चिंता है, तो प्रशासन को नगर निगम एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए, न कि हिंसा का सहारा लेना चाहिए। हम इस घटना तथा एनआईटी रायपुर परिसर में सामुदायिक पशुओं के प्रबंधन की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हैं।”

यह मामला एनआईटी रायपुर परिसर में सामुदायिक कुत्तों के प्रति अपनाई जा रही नीतियों को लेकर पहले से उठ रही चिंताओं को भी सामने लाता है। संकाय सदस्यों एवं छात्रों द्वारा पूर्व में भी कुत्तों को भोजन देने पर रोक लगाने, सामुदायिक कुत्तों को परिसर से हटाने तथा कथित रूप से अन्य स्थानों पर विस्थापित करने की शिकायतें की गई हैं।

पशु कल्याण कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कुत्तों को बिना वैज्ञानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के एक स्थान से दूसरे स्थान पर छोड़ा जाता है, तो इससे भविष्य में शहर में कुत्तों और मनुष्यों के बीच संघर्ष तथा डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

पशु कल्याण संगठनों ने इस मामले की स्वतंत्र जांच, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई तथा एनआईटी रायपुर में पशु कल्याण संबंधी कानूनों और एबीसी नियमों के पूर्ण पालन की मांग की है।


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