किसानों का देशव्यापी प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने से पहले ही नजरबंद किए गए किसान नेता
Countrywide demonstration of farmers, farmer leaders detained even before submitting the memorandum

तीनों कृषि कानून के विरोध में शनिवार को प्रदर्शन से पहले ही किसान नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। किसान नेता शिवकुमार कक्का के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा हुआ है। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर बादल सरोज को गांधी भवन में नज़रबंद किया गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। गांधी भवन में नजरबंद मेधा पाटकर के साथ किसान राजभवन की ओर निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर ही रोक दिया है।
प्रदेश में आज जिला मुख्यालय से लेकर तहसीलों में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जाने का कार्यक्रम है। आंदोलन को लेकर गांवों में जागरूकता अभियान की भी आज से शुरूआत होगी। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदेश में किसान आंदोलन जारी है। किसान नेताओं ने राजभवन पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल को ज्ञापन देने का ऐलान किया था।
आपको बता दें देश में चल रहे किसान आंदोलन को आज 7 माह पूरे हो गए हैं। आंदोलनकारी किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर किसान नेताओं की सरकार से कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। उसके बावजदू अभी तक इसका कोई हल नहीं निकल पाया है।



