गरियाबंद:- माओवादी ने जंगल में छिपा कर रखे थे 21 लाख रुपए, ऐसे चला पता तो हो गया बरामद


गिरिश गुप्ता गरियाबंद:- जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिला सरेंडर नक्सलियों और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से एक काले रंग के बैग में रखे 21 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और एक टीवीएस मोटरसाइकिल (CG 23 M 3395) बरामद की गई है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:सिंगे उर्फ रोशनी (25): ग्राम गामगुलावर, सुकमा की निवासी, जो नक्सली कमांडर चलपति की गार्ड रह चुकी है। बुधरी मुचाकी उर्फ बुदरी उर्फ सोनी (35): ग्राम एटेगट्टा, सुकमा की निवासी, जो सीनापाली दलम की पूर्व कमांडर थी। नोहर मरकाम (36): मैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भुतबेड़ा का रहने वाला, जो नक्सलियों का सहयोगी है।

मुखबिर की सूचना पर मैनपुर पुलिस ने राजाडेरा पहाड़ के पास घेराबंदी कर इन्हें उस वक्त पकड़ा जब ये जंगल से बैग लेकर वापस लौट रहे थे और पुलिस को देखकर छिपने का प्रयास कर रहे थे। बैग के अंदर टिफिन में 500-500 रुपये के नोटों के बंडल रखे हुए थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि ये 21 लाख रुपये ठेकेदारों और आम जनता को डरा-धमका कर अवैध वसूली के जरिए इकट्ठे किए गए थे। इस पैसे को वर्ष 2024 में नक्सली कमांडर चलपति ने राजाडेरा के जंगल में पहाड़ के पास जमीन के अंदर दबाकर सुरक्षित रखा था। सिंगे और बुधरी ने शासन की पुनर्वास नीति के तहत दिखावे के लिए सरेंडर किया था, लेकिन उनका असली मकसद इस डंप किए गए पैसे को निकालकर वापस नक्सली विचारधारा और संगठन के इस्तेमाल में लाना था।

सुकमा पुनर्वास कैंप में रहने के दौरान उन्होंने इसकी योजना बनाई और अपने पुराने सहयोगी नोहर की मदद से पैसा निकालने पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 308 (2), 61(2) और वि. वि. क्रि. क. नि. अधि. (UAPA) की धारा 17, 18, 20, 38, और 40 के तहत मौके पर देहाती नालसी (FIR) दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button