गांधी परिवार जानता है मेरी जाति क्या है-जोगी
रायपुर- जाति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आखिरकार अपनी भड़ास निकाली है। जोगी ने कहा कि जाति मामले में मुझे जबरिया प्रताड़ित किया जा रहा है। जोगी ने कहा कि अलग अलग कोर्ट और समितियों से मेरी जाति के मामले में मेरे पक्ष में फैसला दिया गया है। जोगी ने इस मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
जोगी ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भूपेश उच्च स्तरीय छानबीन कमिटी ने कोई फैसला दिया है, कि मैं आदिवासी नही हूँ… मैं पहले भी कह चुका हूं, की इस समिति ने भुपेश बघेल की गाइडलाइन पर ही निर्णय लिया है… क्योंकि आदिवासी दिवस के दिन ही यह घोषणा कर दिया था कि 1 महीने के अंदर अजित जोगी की जाती मामले का फैसला ले लिया जाएगा… 9 अगस्त को ही भुपेश बघेल और मोहन मरकाम ने घोषणा कर दी थी… राज्यसभा में आने के बाद मेरे खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में मुकदमा दायर हुआ था… और सन 87 में ही फल फैसला मेरे पक्ष में एक बार इंदौर दो बार जबलपुर और इस तरह से 6 बार न्याय पालिका ने फैसला लिया है… भूरिया और रमन सिंह के बाद भुपेश बघेल के फैसले को भी कोर्ट में चैलेंज देना पड़ेगा… हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज देंगे…
मुझे अवसर ही प्रदान नही किया गया, भुपेश बघेल को इतनी जल्दी थी कि 9 तारीख को उन्होंने सार्वजनिक घोषणा की थी कि सभी अधिकारियों और नेताओं के विरुद्ध जो मामले थे उनपर जल्द निर्णय होगा… और 18 दिन में ही मेरे मामले में फैसला दे दिया इसके लिए बधाई देना चाहता हूं… वे शायद यह भूल गए कि स्व राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने देश का सर्वोच्च आदिवासी नेता मानकर मुझे देश का आदिवासी विभाग का अध्यक्ष बनाया गया था, इसका मतलब है कि भुपेश बघेल को न तो राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मुझे आदिवासि माना, लेकिन ये मानने को तैयार नही है….
अगर वे फैसला दे देते हैं तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी दायर करेंगे…



