चट्टान गिरने से कलिंगा घाटी में आवाजाही ठप, प्रशासन ने बंद किया मार्ग

भुवनेश्वर: ओडिशा की कलिंगा घाटी में भूस्खलन और चट्टानें गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी है। घाटी क्षेत्र में चट्टान गिरने की घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया। मार्ग बंद होने से इस रास्ते से यात्रा करने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कलिंगा घाटी का रास्ता पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। बारिश के दौरान यहां मिट्टी खिसकने और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है। हाल की घटना के बाद संबंधित विभागों ने मार्ग की स्थिति का निरीक्षण किया। संभावित खतरे को देखते हुए वाहनों को घाटी से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

चट्टान गिरने के बाद बढ़ी चिंता

घाटी में चट्टान गिरने के बाद सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ। प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। पहाड़ी हिस्से में और चट्टानें खिसकने की आशंका को देखते हुए मार्ग को तुरंत खोलने के बजाय सुरक्षा जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। मार्ग बंद रहने तक वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से प्रतिबंधित मार्ग पर जाने की कोशिश नहीं करने और यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

बारिश में बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार या तेज बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ जाती है। इससे ढलानों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है और भूस्खलन या चट्टान गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। कलिंगा घाटी में भी मौजूदा मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

सड़क को दोबारा खोलने से पहले पहाड़ी ढलानों और संवेदनशील हिस्सों की स्थिति का आकलन जरूरी होगा। रास्ते में गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाहनों के गुजरने के दौरान दोबारा चट्टान गिरने का तत्काल खतरा न हो।

कब खुलेगा रास्ता, फिलहाल तय नहीं

आवागमन पर रोक अनिश्चितकाल के लिए लगाए जाने के कारण अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कलिंगा घाटी का मार्ग कब दोबारा खोला जाएगा। सुरक्षा संबंधी आकलन और संबंधित विभागों की मंजूरी के बाद ही यातायात बहाल किए जाने की संभावना है। यात्रियों और वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। खासकर भारी वाहनों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को वैकल्पिक मार्ग के कारण अतिरिक्त समय लग सकता है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। खतरा कम होने और सड़क को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही कलिंगा घाटी में सामान्य आवागमन बहाल किया जाएगा।


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