चरित्र संदेह में पत्नी और माँ बनीं

Chhattisgarh Crime : सूरजपुर (छत्तीसगढ़), 28 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र में जजावल गांव की स्याही रात ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का रूप ले लिया। दिवाली की पावन रात, जब पूरा देश दीयों की रोशनी में नहा रहा था, वहां एक घर के बेडरूम में कुल्हाड़ी के वारों से खून की होली खेली गई। पीड़ित आनंद सिंह (35) की उनकी पत्नी बसंती सिंह (28) ने अपनी मां फूलमती (52) के साथ मिलकर नृशंस हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने गांववालों को धोखा देने के लिए ‘भूत-प्रेत’ का बहाना बनाया, लेकिन पुलिस की सख्ती भरी जांच ने साजिश का पर्दाफाश कर दिया। दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं।

बसंती पर अवैध संबंधों का शक

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पुलिस के अनुसार, यह वारदात 20 अक्टूबर की देर रात घटी। आनंद सिंह, जो एक किसान थे, शाम को शराब पीकर घर लौटे। चरित्र संदेह के चलते पत्नी बसंती से पुराना झगड़ा फिर भड़क गया। आनंद अक्सर बसंती पर अवैध संबंधों का शक करते थे, जो वैवाहिक जीवन को जहर बन चुका था। गुस्से में बसंती ने अपनी मां फूलमती को फोन किया, जो पास के ही गांव में रहती थीं। मां-बेटी ने साजिश रच डाली – आनंद को सोते हुए कुल्हाड़ी से मार डालना।

घटना की पूरी कहानी

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आनंद और बसंती की शादी को चार साल हो चुके थे। लेकिन आनंद का चरित्र संदेह बसंती को तंग करता था। 20 अक्टूबर को शराब के नशे में फिर वही झगड़ा हुआ। बसंती ने मां को बुलाया, जो आनंद के सोने का इंतजार करते हुए छिपी रहीं।

रात के करीब 1 बजे, जब आनंद गहरी नींद में थे, बसंती ने कुल्हाड़ी उठाई। मां फूलमती ने दरवाजा संभाला ताकि कोई न जागे। बसंती ने पति के गले और सिर पर कई वार किए। आनंद की मौके पर ही मौत हो गई। बेडरूम खून से सन गया।

भूत का बहाना

हत्या के तुरंत बाद बसंती अपनी मां के साथ उनके घर चली गई। अगली सुबह (21 अक्टूबर) लौटकर गांववालों को कहा, “मेरे पति को भूत ने मार डाला! रात को चीखें सुनाई दीं, लेकिन जब जागी तो… वही हाल। मैंने कुछ नहीं किया।” गांव में अंधविश्वास फैला, लेकिन कुछ ग्रामीणों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस का खुलासा

चंदौरा थाने की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। कुल्हाड़ी पर खून के धब्बे, बसंती के कपड़ों पर खून के छींटे और मां-बेटी के फोन रिकॉर्ड से साजिश साफ हो गई। पोस्टमॉर्टम में कुल्हाड़ी के वारों की पुष्टि हुई। बसंती ने पूछताछ में कबूल लिया, “चरित्र संदेह से तंग आ चुकी थी। मां ने कहा, ‘खत्म कर दो, वरना जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।’”

सूरजपुर एसपी ने बताया, “यह अंधविश्वास का शिकार न बनें, इसके लिए हम गांवों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं। आरोपी मां-बेटी पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 34 (साझा इरादा) और 201 (सबूत मिटाना) के तहत केस दर्ज है। रिमांड के बाद आगे की पूछताछ होगी।” आनंद के दो बच्चे (एक बेटा, एक बेटी) अब रिश्तेदारों के पास हैं।

चरित्र संदेह से क्यों बन जाते हैं रिश्ते खूनी?

यह घटना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते वैवाहिक विवादों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शराब, संदेह और अंधविश्वास का मिश्रण घातक साबित होता है। पिछले साल सूरजपुर में ही तीन इसी तरह के मामले दर्ज हुए थे। पुलिस ने अपील की है कि संदेह हो तो काउंसलिंग लें, न कि हिंसा का सहारा।


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