Char Dham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के मौके पर खुलेंगे चारधाम के गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, जानें केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का समय

Char Dham Yatra 2026: अक्षय तृतीया के मौके पर खुलेंगे चारधाम के गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, जानें केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन का समय

Char Dham Yatra 2024 (File Photo)

 Char Dham Yatra 2026:  उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आज, 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर विधिवत शुभारंभ हो रहा है. आज दोपहर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं गंगोत्री धाम में मौजूद रहेंगे. दोनों धामों को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया है और भक्तों का स्वागत करने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने का समय

मंदिर समिति के अनुसार, गंगोत्री धाम के कपाट आज दोपहर 12:15 बजे खोले जाएंगे. वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:35 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे. इससे पहले, मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा से और मां यमुना की डोली खरसाली से प्रस्थान कर अपने-अपने धाम पहुंच चुकी हैं. इन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही उत्तराखंड की छह महीने तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा की शुरुआत हो जाएगी.

केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट कब खुलेंगे?

गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद अब भक्तों को बाबा केदार और बद्री विशाल के दर्शनों का इंतजार है. प्रशासन द्वारा घोषित तिथियों के अनुसार:

  • केदारनाथ धाम: कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8:00 बजे खुलेंगे.

  • बद्रनीनाथ धाम: कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे.

पंजीकरण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा की पूर्व संध्या पर ऋषिकेश से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने बताया कि सरकार इस साल ‘ग्रीन चारधाम यात्रा’ और ‘प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ’ के लक्ष्य पर काम कर रही है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है. यात्री आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं.

यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं

इस वर्ष यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं. केदारनाथ में एक नया अस्पताल तैयार है, जबकि बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जल्द ही पूर्ण होने वाला है. सिंगल-लेन और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में शटल सेवाओं की व्यवस्था की गई है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं और मौसम के अपडेट पर नजर रखें.

महत्वपूर्ण जानकारी: चारधाम यात्रा का क्रम हमेशा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, फिर केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ पर समाप्त होता है. प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु देवभूमि की मर्यादा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें.




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