चुनाव आयोग के फैसले को ममता बनर्जी का चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में नई जंग
चुनाव आयोग के फैसले के बाद बढ़ा विवाद
तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग पहचान देने का फैसला किया था। आयोग के निर्णय के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद और तेज हो गया। ममता बनर्जी गुट का कहना है कि पार्टी की असली पहचान और संगठनात्मक अधिकार उसके साथ हैं। इसी आधार पर आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
ममता गुट की ओर से दायर याचिका में चुनाव आयोग के फैसले की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा और दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा। इस मामले में चुनाव आयोग के आदेश, पार्टी के संगठनात्मक दावे और चुनाव चिन्ह से जुड़े नियमों पर चर्चा होने की संभावना है।
राजनीतिक हलचल तेज
चुनाव आयोग के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। दोनों गुट अपनी-अपनी दावेदारी को मजबूत बता रहे हैं। ममता बनर्जी गुट का कहना है कि पार्टी की स्थापना और लंबे समय से चले आ रहे संगठनात्मक ढांचे के आधार पर उसका दावा मजबूत है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपने दावों को लेकर कानूनी रास्ता अपनाया जा सकता है।
आगे की प्रक्रिया पर नजर
अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। अदालत में होने वाली बहस के बाद ही इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी। फिलहाल तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नाम और चुनाव चिन्ह का विवाद कानूनी प्रक्रिया में पहुंच चुका है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
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