डॉ. तपेश चंद गुप्ता को मिला ‘गुरु विशिष्ट’ सम्मान, शोध

रायपुर। दयानंद सागर प्रबंध संस्थान, बेंगलुरु की ओर से शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध प्राध्यापकों एवं प्राचार्यों को दिए जाने वाले ‘गुरु विशिष्ट’ सम्मान से छत्तीसगढ़ के डॉ. तपेश चंद गुप्ता को सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान उल्लेखनीय शोधपत्र लेखन और श्रेष्ठ शोध निर्देशन के लिए प्रदान किया गया।


डॉ. तपेश चंद गुप्ता वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य सह अपर संचालक के पद पर पदस्थ हैं। मूल रूप से वाणिज्य विषय के प्राध्यापक डॉ. गुप्ता पूर्व में छत्तीसगढ़ शासन में संयुक्त सचिव के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने रायपुर से एम.कॉम. की शिक्षा पूरी करने के बाद सूरत स्थित साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में डॉ. गुप्ता का लंबा अनुभव रहा है। विभिन्न संस्थानों में वे अब तक 488 व्याख्यान दे चुके हैं। उनके 106 अंतरराष्ट्रीय और 388 राष्ट्रीय शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। वाणिज्य विषय में शोध निर्देशक के रूप में उन्होंने 16 शोधार्थियों को पीएचडी के लिए मार्गदर्शन दिया है, जबकि 76 शोध प्रबंधों का मूल्यांकन भी किया है।
डॉ. गुप्ता को शोध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के क्षेत्र में पूर्व में भी कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें ICGB-2013, मिशिगन (USA) द्वारा ‘बेस्ट डॉक्टोरल थीसिस अवार्ड’, मार्च 2019 में थिम्पू में आयोजित इंडो-भूटान एजुकेशन कॉन्क्लेव में ‘इनोवेटिव पेडागॉजी एवं बेस्ट टीचिंग प्रैक्टिस’ के लिए वैल्यू विजन अवार्ड-2018 तथा सिंगापुर की साउथ एशिया मैनेजमेंट एसोसिएशन और जबलपुर मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से ‘ओवरऑल आउटस्टैंडिंग रिसर्च वर्क अवार्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है।
उनके सम्मानित शोधग्रंथ ‘Development of Tourism Industry and Marketing in India’ का प्रकाशन जर्मनी की लैम्बर्ट एकेडमिक पब्लिशिंग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया है। इसके अलावा फिलाटेली यानी डाक टिकट एवं मुद्रा संग्रहण में भी उनकी विशेष रुचि है। इस क्षेत्र में उनके नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, यूनिवर्सल वर्ल्ड रिकॉर्ड फोरम और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में रिकॉर्ड दर्ज हैं।
डॉ. गुप्ता ने दो दशक से अधिक समय तक राज्य के सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्टडीज के संयोजक एवं अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है। प्रशासनिक दायित्वों के साथ वे लगातार शोध एवं शैक्षणिक लेखन से जुड़े रहे हैं। वे अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम तथा राज्य सिविल सेवा नियमों से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन भी देते हैं।
‘गुरु विशिष्ट’ सम्मान के लिए डॉ. तपेश चंद गुप्ता का चयन उनके शोधपत्रों में उल्लिखित नाम के आधार पर किया गया है।
Source link




