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जलोड़ी दर्रा पर्यटकों से हुआ गुलजार

Kullu. कुल्लू। जिला कुल्लू के हिमालय पर्वत की चोटी में स्थित जलोड़ी दर्रा और रघुपुर फोर्ट ने विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक विशेष पहचान बना ली है। यह दर्रा इनर सराज और बाह्य सराज के मध्य स्थित कुल्लू जिला के बंजार और आनी उपमंडल को आपस में जोड़ता है। जून के इन दिनों में जलोड़ी दर्रा सहित आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। हसीन वादियां सैलानियों को आकर्षित कर रही है। जिला कुल्लू में करीब दस हजार फुट की उंचाई पर स्थित जलोड़ी दर्रा, सोझागढ़, रघुपूर गढ़, खनाग, टकरासी, पनेऊ और सरेउलसर झील आदि प्राकृतिक सौंदर्य से लवरेज खूबसूरत स्थल बैसे तो वर्षों पहले ही अंग्रेजी शासन काल के दौरान साहसिक पर्यटन के नक्शे पर आ
चुके थे।
यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अंग्रेजों को भी खूब भाता था जो कि अकसर यहां पर इन वादियों को निहारने के लिए आते रहते थे। कुल्लू जिला में भीतरी और बाहरी सिराज क्षेत्र के मध्य जलोड़ी दर्रा से करीब तीन किलोमीटर दूर समुद्र तल से 3306 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ऐतिहासिक स्थल रघुपुरगढ़, जिभी और तीर्थन घाटी में घूमने आने वाले देशी विदेशी सैलानियों के लिए एक पसंदीदा सैरगाह बन गई है। यह एक ऐसा स्थान हैए जहां से हिमाचल के 9 जिलों की पहाडिय़ों और लगभग पूरे कुल्लू जिला के ऊंचे छोर के दर्शन एक ही स्थान से संभव होते हैं। इस गढ़ की प्राचीन सुदृढ़ स्थिति को दर्शाती गढ़ की सुरक्षा दीवारें, खाई आदि अवशेष आज भी दर्शनीय है।




