दिनदहाड़े सड़क पर कत्ल! दो हमलावरों ने युवक को घेरकर काट डाला, तमाशबीन लोग देखते रहे किसी ने रोका नहीं, वीडियो वायरल

हुबली: कर्नाटक के हुबली से दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। सिद्धेश्वर पार्क के पास शुक्रवार दोपहर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात इतनी भयावह थी कि हमलावर सड़क पर युवक पर धारदार हथियार से लगातार हमला करते रहे। घटना के दौरान आसपास लोगों की मौजूदगी भी बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर इस वारदात से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी या बदले की आशंका जताई जा रही है।
स्कूटर से पहुंचा था युवक, रास्ते में घेरकर हमला
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 33 वर्षीय दादापीर उदयाकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दादापीर शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे स्कूटर से सिद्धेश्वर पार्क इलाके में पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें रोक लिया।
आरोपियों ने पहले दादापीर को सड़क पर गिराया और इसके बाद धारदार हथियारों से हमला शुरू कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायल दादापीर को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सड़क पर होता रहा हमला, वायरल हुआ खौफनाक वीडियो
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट और धारदार हथियार से हमला किए जाने का दृश्य दिखाई देने की बात सामने आई है।
दिनदहाड़े एक इंसान की बेरहमी से हत्या होती रही और लोग तमाशबीन बने देखते रहे! 😨
हुबली के सिद्धेश्वर पार्क के पास एक व्यक्ति की सरेआम हत्या कर दी गई। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग सिर्फ देखते रहे।
पुलिस को शक है कि किसी पुराने अपराध का बदला लेने के… pic.twitter.com/DkxavJUnnq
— Mr. Mishra (@MrMishraSM) August 28, 2026
वारदात के दौरान आसपास लोगों की मौजूदगी ने भी इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल दावों में कहा जा रहा है कि कुछ लोग मौके पर खड़े होकर घटना देखते रहे और वीडियो बनाते रहे।
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मौके पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति ने क्या भूमिका निभाई या किसी व्यक्ति ने पीड़ित की मदद करने की कोशिश की थी या नहीं। इसलिए इस पहलू पर आधिकारिक जांच का इंतजार करना जरूरी है।
2015 की हत्या से जुड़ा हो सकता है मामला!
पुलिस को शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका है। जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक दादापीर वर्ष 2015 में मारुति नाम के एक व्यक्ति की हत्या के मामले में आरोपी रह चुके थे।
हालांकि बाद में वर्ष 2017 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया था। पुलिस के मुताबिक उनकी राउडी शीट भी करीब चार साल पहले बंद कर दी गई थी।
अब जांच एजेंसियां इस पुराने मामले को भी खंगाल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं दादापीर की हत्या उसी पुराने विवाद या किसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए तो नहीं की गई।
आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें सक्रिय
हुबली-धारवाड़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध फुटेज से भी आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित किए जाने की जानकारी दी है। हत्या के पीछे कितने लोग शामिल थे और वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई, इसकी भी जांच की जा रही है।
दिनदहाड़े हत्या ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
सिद्धेश्वर पार्क जैसे इलाके में दिन के समय हुई इस हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि वारदात सार्वजनिक स्थान पर हुई और इसका वीडियो भी सामने आया।
यह घटना सिर्फ एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि सार्वजनिक जगह पर गंभीर हिंसा होने की स्थिति में लोग पीड़ित की मदद के लिए किस तरह आगे आएं। हालांकि किसी भी व्यक्ति के लिए हथियारबंद हमलावरों से सीधे भिड़ना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सूचना देना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस हत्या के वास्तविक कारण और आरोपियों की पहचान का पता लगाने में जुटी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो/दावों का उल्लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर किया गया है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और मामले से जुड़े अंतिम तथ्य पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।



