दिमागी रूप से मृत गर्भवती महिला को भ्रूण के विकास के लिए जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया

दिमागी रूप से मृत गर्भवती महिला को भ्रूण के विकास के लिए जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया

Credit- (img: Pixabay)

महिला के परिवार का कहना है कि अस्पताल ने उन्हें बताया कि राज्य के सख्त गर्भपात विरोधी कानून के तहत ऐसा करना आवश्यक है. महिला के प्रसव की नियत तिथि में अभी तीन महीने हैं और यह इस तरह के मामलों में सबसे लंबी गर्भावस्थाओं में से एक हो सकती है. उसका परिवार इस बात से परेशान है कि जॉर्जिया का कानून जो हृदय संबंधी गतिविधि का पता चलने पर गर्भपात को प्रतिबंधित करता है, रिश्तेदारों को इस बारे में पक्ष रखने की अनुमति नहीं देता है कि गर्भवती महिला को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा जाए या नहीं. एड्रियाना स्मिथ को फरवरी में मस्तिष्कीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया था, यानी कानूनन वह मर चुकी है. यह जानकारी एड्रियाना की मां एप्रिल न्यूकिर्क ने अटलांटा टीवी स्टेशन डब्ल्यूएक्सआईए को दी. एड्रियाना पांच साल के बेटे की 30 वर्षीय मां और पेशे से नर्स थी.

न्यूकिर्क ने बताया कि उनकी बेटी को तीन महीने से ज्यादा समय पहले तेज सिरदर्द हुआ था और जांच के बाद एमोरी यूनिवर्सिटी अस्पताल ने पाया कि उसके मस्तिष्क में रक्त के थक्के थे और उसे ‘ब्रेन-डेड’ घोषित कर दिया गया. न्यूकिर्क ने बताया कि स्मिथ अभी 21 सप्ताह की गर्भवती है. उन्होंने कहा कि उसकी श्वास नलिका और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों को हटाने से उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण की मृत्यु हो सकती है. एमोरी हेल्थकेयर ने कहा कि वह गोपनीयता नियमों के कारण किसी व्यक्तिगत मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन उसने एक बयान जारी कर कहा कि वह ‘‘जॉर्जिया के गर्भपात कानूनों और सभी अन्य लागू कानूनों के अनुपालन में व्यक्तिगत उपचार सिफारिशें करने के लिए नैदानिक विशेषज्ञों की आम सहमति, चिकित्सा साहित्य और कानूनी मार्गदर्शन का उपयोग करता है.’’ उसने कहा, ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं उन रोगियों की सुरक्षा और भलाई है जिनकी हम सेवा करते हैं.’’ यह भी पढ़ें : कानपुर विवि ने तुर्किए के इस्तांबुल विवि के साथ समझौता समाप्त किया

स्मिथ के परिवार का कहना है कि एमोरी के डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि उन्हें उन उपकरणों को बंद करने या हटाने की अनुमति नहीं है जिनसे एड्रियिना की सांसें चल रही हैं क्योंकि राज्य के कानून में हृदय संबंधी गतिविधि का पता लगने के बाद गर्भपात पर प्रतिबंध का प्रावधान है. न्यूकिर्क ने चैनल से कहा कि डॉक्टरों ने परिवार को बताया है कि भ्रूण के मस्तिष्क में तरल पदार्थ है और वे उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. न्यूकिर्क ने कहा, ‘‘उसके गर्भ में मेरा पोता है. लेकिन वह अंधा हो सकता है, चलने में अक्षम हो सकता है, जन्म के बाद शायद जीवित न रह पाए.’’ उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या परिवार एड्रियिना को जीवन रक्षक प्रणाली से हटाना चाहता है या नहीं. फिलाडेल्फिया स्थित थॉमस जेफ्रसन विश्वविद्यालय में मातृ-भ्रूण चिकित्सा मामलों के निदेशक डॉ. विन्सेन्ज़ो बर्घेला ने कहा, “यह बहुत जटिल स्थिति है, जाहिर है, न केवल नैतिक रूप से, बल्कि चिकित्सकीय रूप से भी.”



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