दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का हिस्सा धंसा: शामली के पास भारी बारिश के बाद सड़क टूटने पर NHAI ने दी सफाई, स्थानीय विरोध को बताया वजह

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का हिस्सा धंसा: शामली के पास भारी बारिश के बाद सड़क टूटने पर NHAI ने दी सफाई, स्थानीय विरोध को बताया वजह

शामली के पास नया बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे धंस गया (Photo Credits: X\@sachingupta)

शामली/नई दिल्ली: देश के महत्वाकांक्षी और नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का एक हिस्सा बुधवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शामली (Shamli) जिले के पास भारी बारिश के बाद धंस गया. इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण और सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं. प्रभावित सड़क की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद, नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने गुरुवार को इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है. एनएचएआई ने बताया कि धंसे हुए हिस्से को अस्थायी रूप से ठीक कर दिया गया है और इस खराबी के पीछे स्थानीय जलजमाव तथा अधूरा ड्रैनेज सिस्टम मुख्य कारण था. यह भी पढ़ें: Sambhal Land Scam: करोड़ों की सरकारी जमीन निजी हाथों में सौंपने का खेल, पूर्व पालिका अध्यक्ष और ईओ सहित 32 लोगों पर एफआईआर दर्ज

क्यों धंसी एक्सप्रेसवे की सड़क? NHAI की सफाई

एनएचएआई द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह घटना शामली के गोगवान जलालपुर गांव के पास हुई.  प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेसवे से बारिश के पानी की सुरक्षित निकासी के लिए वहां एक कलवर्ट (पुलिया) का निर्माण किया गया था. हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों के विरोध और प्रतिरोध के कारण इस ड्रैनेज सिस्टम को आगे मुख्य जलधारा से नहीं जोड़ा जा सका.

क्रॉस-ड्रैनेज में बाधा: एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय ग्रामीण इस कलवर्ट के मुहाने (ओपनिंग) का उपयोग वाहनों को पार कराने वाले रास्ते (क्रॉसिंग) के रूप में कर रहे हैं. इस वजह से जल निकासी की योजना चालू नहीं हो सकी और मूसलाधार बारिश का पानी मुख्य सड़क के किनारे जमा होने लगा, जिससे मिट्टी ढीली हो गई और सड़क का ऊपरी हिस्सा धंस गया.

शामली के पास नया बना दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे धंस गया

भूमि विवाद के कारण अटका था स्थाई काम

प्राधिकरण ने यह भी खुलासा किया कि इस विशेष स्थान पर स्थाई ढलान सुरक्षा (Slope Protection) और च्यूट ड्रेन (ढलान वाले नाले) का निर्माण कार्य अभी भी लंबित है. इसका मुख्य कारण जमीन से जुड़ा एक पुराना मध्यस्थता विवाद (Land Arbitration Dispute) है, जिसके चलते वहां काम को पूरी तरह अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था.

भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई ने तत्काल कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. इसके तहत प्रभावित क्षेत्र में करीब 1.5 किलोमीटर लंबा एक अंतरिम समानांतर नाला (Parallel Drain) बनाया जा रहा है. साथ ही, ड्रैनेज के ग्रेडिएंट (ढलान के स्तर) को री-डिजाइन किया जा रहा है ताकि जब तक मुख्य कलवर्ट पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक बारिश का पानी सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा सके.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: एक नजर में

लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार का एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष 14 अप्रैल को किया था. इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय लगभग 6.5 घंटे से घटकर महज 2.5 घंटे रह गया है.

100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया यह कॉरिडोर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कटरा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ता है. भविष्य में इसे गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे और हरिद्वार स्पर से भी जोड़ने की योजना है.




Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button