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दीपावली पर नाहन में मिट्टी के उत्पादों की बढऩे लगी मांग

Nahan. नाहन। दीपावली पर मिट्टी के दीपों का खास महत्त्व है। इसी के साथ मिट्टी के दीपों को तैयार करने वाले कारीगरों को भी वर्ष भर की मेहनत की दीपावली त्योहार उम्मीद लेकर आता है। खास बात यह है कि एक बार फिर मिट्टी के दीपक के अलावा मिट्टी से बनी वस्तुओं का चलन में बढ़ौतरी दर्ज हुई है, जिसके चलते हाशिए पर पहुंच गई इस कला को जीवंत होने का एक बड़ा अवसर एक बार फिर मिला है। नाहन में बड़ा चौक के अलावा कुम्हार गली में मिट्टी के दीपों व मिट्टी से बने विभिन्न उत्पाद के विक्रेताओं का कहना है कि दीपावली त्योहार पर बिजली की लडिय़ों, मोमबत्ती के चलन के बीच मिट्टी के दीये की ब्रिकी पर
असर पड़ा है।
मगर अब एक बार फिर दो वर्षों के बाद अथवा कोविड के बाद मिट्टी के उत्पादों का चलन बढ़ गया है। कुम्हार चमन, ओम प्रकाश इत्यादि ने बताया कि त्योहारी सीजन में करवाचौथ, गड़बड़े, विवाह-शादियों के अलावा सांस्कृतिक धार्मिक आयोजनों के अलावा दीपावली पर बड़े पैमाने पर अब मिट्टी से बने उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे मंदा हो चुका कुम्हारों का कारोबार भी अब उठने लगा है। नाहन के बड़ा चौक में दीपावली के लिए विक्रेताओं ने मिट्टी के दीये के अलावा गुल्लक के अलावा मिट्टी के बने बर्तन भी खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मिट्टी के उत्पाद विक्रेताओं का कहना है कि अब दीपावली व अन्य त्योहारों के अतिरिक्त भी मिट्टी के बनी हांडियां, प्रेशर कुक्कर, तवा के अलावा दहीं कुज्जा इत्यादि उत्पाद नियमित तौर पर बिक रहे हैं जोकि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक है।




