धर्मांतरण विवाद पर भंडारडिगी में बवाल, ASP-एसडीएम ने

 

कांकेर । दुर्गूकोंदल कांकेर जिले के भंडारडिगी गांव में धर्मांतरण को लेकर विवाद ने उस वक्त तूल पकड़ लिया, जब धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने के लिए कहे जाने और उनके घर का सामान बाहर निकाले जाने की बात सामने आई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि गांव में धर्मांतरित परिवारों को लेकर लंबे समय से ग्रामीणों और परिवार के बीच बातचीत चल रही थी। ग्रामीणों की ओर से कथित तौर पर परिवारों से मूल धर्म में वापस आने या गांव छोड़ने की बात कही जा रही थी। हालांकि, जब बात नहीं बनी तो विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों की ओर से परिवार के घर का सामान बाहर निकाले जाने की स्थिति बन गई। इसके बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, भानुप्रतापपुर एसडीएम गंगाधर वाहिले, एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ठाकुर, तहसीलदार समेत पुलिस और प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा।

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अधिकारियों ने गांव में दोनों पक्षों से बातचीत की और बैठक कर पूरे मामले को शांत कराने का प्रयास किया। बातचीत के बाद सामने आया कि तीन परिवारों के कुल 18 सदस्यों ने अपने मूल धर्म में वापसी की। प्रशासन की मौजूदगी में धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद गांव की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गीत और नृत्य के जरिए परिवारों का स्वागत किया।

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एडिशनल एसपी ने क्या कहा?

मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भंडारडिगी पहुंची। दोनों पक्षों से बातचीत की गई और बैठक के जरिए स्थिति को सामान्य किया गया। उनके मुताबिक, बातचीत के बाद धर्मांतरित परिवारों के मूल धर्म में वापस आने की बात सामने आई। एडिशनल एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब जो हुआ, उसे लेकर आगे किसी परिवार के साथ भेदभाव या विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए। गांव में सभी लोगों को आपसी भाईचारे के साथ रहने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की समझाइश दी गई है।

उन्होंने बताया कि करीब दो दिन बाद भानुप्रतापपुर एसडीओपी की मौजूदगी में शांति समिति की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें दोनों पक्षों से दोबारा बातचीत की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो।

अब प्रशासन की नजर गांव के माहौल पर

भंडारडिगी की घटना में एक तरफ धर्मांतरण को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी सामने आई, तो दूसरी तरफ विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल पुलिस का फोकस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने और दोनों पक्षों के बीच किसी नए विवाद को रोकने पर है। धर्मांतरण के विवाद से शुरू हुआ मामला गांव से परिवार को बाहर करने तक पहुंचा और फिर प्रशासन की मौजूदगी में बातचीत के बाद 3 परिवारों के 18 सदस्यों की मूल धर्म में वापसी की बात सामने आई। अब असली चुनौती यही है कि वापसी के बाद गांव में सभी परिवारों के बीच शांति, भाईचारा और कानून-व्यवस्था बनी रहे।


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