धान खरीदी में रिश्वतखोरी और गड़बड़ी पर कलेक्टर

बालोद। CG NEWS: छत्तीसगढ़ में चल रहे धान खरीदी महापर्व के बीच लापरवाही और भ्रष्टाचार पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। डौंडी विकासखंड के एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) और डौंडीलोहारा क्षेत्र के एक समिति प्रभारी को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

50 हजार की घूस मांगने का आरोप, UPI ट्रांजैक्शन से खुला राज
डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह पर किसान से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप सामने आया है। जानकारी के मुताबिक किसान केशव राम साहू अपनी निजी भूमि से उपजाए गए 125 बोरी धान ट्रैक्टर में भरकर बालोद मंडी ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में RAEO ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने ट्रैक्टर रोककर धान ले जाने देने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।

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किसान की शिकायत के बाद जब मामले की प्रारंभिक जांच की गई तो चौंकाने वाले सबूत सामने आए। जांच में अधिकारी के खाते में UPI के जरिए 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने के प्रमाण मिले। इसे सिविल सेवा आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए उप संचालक कृषि ने ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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समिति प्रभारी पर भी गिरी गाज, जांच में उजागर हुई बड़ी अनियमितताएं
दूसरा मामला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, रानाखुज्जी से जुड़ा है। समिति प्रभारी हंसराज प्रजापति पर आर्थिक अनियमितता और सरकारी नियमों की अनदेखी के आरोप लगे हैं। सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच टीम ने जब उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया तो कई गंभीर खामियां सामने आईं।

जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर उल्लेख किया गया कि समिति प्रभारी ने शासन की महत्वाकांक्षी धान खरीदी योजना के नियमों का उल्लंघन किया, जिससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका बनी। इसके बाद छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत प्राधिकृत अधिकारी की बैठक में निर्णय लेते हुए हंसराज प्रजापति को भी निलंबित कर दिया गया।

कलेक्टर की दो टूक चेतावनी—किसानों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा है कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसानों को परेशान करने या किसी भी तरह का आर्थिक भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के अन्य सभी उपार्जन केंद्रों पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है और आगे भी गड़बड़ी मिलने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।


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