नवा रायपुर में आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक, राजस्व लक्ष्य पर जोर

Raipur. रायपुर। आबकारी विभाग की सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. शंगीता ने आज नवा रायपुर स्थित विभागीय कार्यालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों का विस्तृत आकलन किया। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के आबकारी अधिकारी, उड़नदस्ता दल, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए।

सचिव सह आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप मदिरा स्कंध का संधारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दुकानों में पर्याप्त मात्रा में मदिरा उपलब्ध रहे, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी सख्त निर्देश दिए गए कि निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर मदिरा की बिक्री किसी भी स्थिति में न हो। बैठक में मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन के कड़ाई से पालन पर विशेष जोर दिया गया। सचिव सह आयुक्त ने निर्देश दिए कि दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि दुकानों में साफ-सफाई, व्यवस्था और उपभोक्ता हितों का विशेष ध्यान रखा जाए।

श्रीमती शंगीता ने राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए उन जिलों की सराहना की, जिन्होंने जनवरी माह तक निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति कर ली है। ऐसे जिलों को सतत् और अनुशासित कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं, लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों के अधिकारियों को कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर तत्काल अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मदिरा की गुणवत्ता और शुद्धता पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। सचिव सह आयुक्त ने स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषी कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए।

डिजिटल और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि उपभोक्ताओं को कैशलेस भुगतान के प्रति प्रोत्साहित किया जाए, जिससे लेनदेन में पारदर्शिता बनी रहे। सचिव सह आयुक्त ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच पर भी जोर दिया। उन्होंने समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। अवैध मदिरा और अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने के लिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से समन्वय और सहयोग लेने की बात भी कही गई।

अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों से आने वाली मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन और निगरानी को सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में विभाग को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा कर्मचारियों के पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी विभाग देवेन्द्र सिंह भारद्वाज सहित मुख्यालय, संभागीय और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को विभागीय कार्यों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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