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पूर्वी भारत का युग है, बिहार की समृद्धि से ही देश का विकास संभव: नरेंद्र मोदी


New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मोतिहारी में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दौर भारत के पूर्वी राज्यों का है और बिहार की समृद्धि ही भारत की समृद्धि का मार्ग है। सावन के पवित्र महीने में बाबा सोमेश्वरनाथ के चरणों में शीश नवाकर अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चंपारण की भूमि ने इतिहास को नई दिशा दी है और अब यह भूमि बिहार के उज्ज्वल भविष्य की नींव बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में विकास का केंद्र अब केवल पश्चिमी देश नहीं, बल्कि पूर्वी देशों की ओर शिफ्ट हो रहा है और भारत में यह अवसर हमारे पूर्वी राज्यों के लिए स्वर्णिम है। उन्होंने कहा कि गया, पटना, जलपाईगुड़ी, जाजपुर और संथाल परगना जैसे इलाकों को देश के प्रमुख औद्योगिक और पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 के बाद से केंद्र सरकार ने बिहार के लिए लगभग 9 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पिछली सरकारों की तुलना में चार गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह निधियां सड़क, रेल, कृषि, मत्स्य पालन, आईटी, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में व्यापक प्रगति ला रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार में अब तक 60 लाख से अधिक पक्के मकान बनाए जा चुके हैं, जिनमें से 3 लाख से ज्यादा घर सिर्फ मोतिहारी जिले में बने हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 12,000 परिवारों को घर की चाबियां सौंपीं और 40,000 से अधिक लाभार्थियों को घर बनाने के लिए धनराशि जारी की। महिलाओं को सशक्त करने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में 3.5 करोड़ से अधिक महिलाओं के जनधन खाते हैं, और 20 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को 400 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी जारी की।
रोज़गार पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने नई योजना की घोषणा की, जिसके तहत निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को केंद्र सरकार द्वारा 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना को 1 अगस्त से लागू किया जाएगा। रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने कई बड़ी परियोजनाएं देश को समर्पित कीं, जिनमें दरभंगा-समस्तीपुर, दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन का दोहरीकरण, स्वचालित सिग्नलिंग, और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ शामिल है। उन्होंने मोतिहारी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का भी उल्लेख किया।
सड़क अवसंरचना के तहत उन्होंने एनएच-319 के कई हिस्सों का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिससे बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा। आईटी सेक्टर में दरभंगा और पटना में एसटीपीआई केंद्रों के उद्घाटन से स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा। मत्स्य पालन क्षेत्र को बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनसे रोजगार के अवसर और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री ने “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” की भी घोषणा की, जिसके तहत देश के 100 कृषि समृद्ध लेकिन आय में पिछड़े जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण का समापन बिहार की जनता से एक नए और समृद्ध राज्य के निर्माण में साथ आने के आग्रह के साथ किया। इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहे।

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