फर्जी तबादला आदेश मामले में RMA करण देवांगन की जमानत याचिका खारिज
बचाव पक्ष की दलील हुई खारिज
आरोपी करण देवांगन की ओर से अधिवक्ता आनंदी शंकर मिश्रा ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। बचाव पक्ष ने आरोपी को जमानत दिए जाने की मांग की, लेकिन अदालत ने मामले के तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
तबादला बदलवाने के लिए पैसे देने का आरोप
जानकारी के अनुसार, रोहांसी अस्पताल में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण देवांगन पर आरोप है कि उसने अपनी पोस्टिंग बदलवाने के लिए भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी को 1 लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि इसके बाद कृष्णा अवस्थी ने अपने बेटे प्रणव अवस्थी और कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप के माध्यम से CMHO के फर्जी हस्ताक्षर वाला तबादला आदेश तैयार करवाया। यह फर्जी आदेश सरकारी रिकॉर्ड और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण मामला गंभीर माना जा रहा है।
खुलासे के बाद हुई गिरफ्तारी
मामले का खुलासा होने के बाद पलारी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए सभी संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल इस मामले में छह आरोपी बलौदाबाजार जेल में बंद हैं। इनमें भाजपा से निष्कासित जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल, प्रणव अवस्थी, परख कश्यप, करण देवांगन और रवि सेन शामिल हैं।
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