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फोटो वायरल करने की धमकी देकर युवती से दुष्कर्म, आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार

Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक युवती को ब्लैकमेल कर महाराष्ट्र ले जाकर महीनों तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने वाले इस आरोपी को बसंतपुर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पकड़ा और सख्त धाराओं में अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की शुरुआत 14 जून 2025 को हुई जब पीड़िता की बहन ने थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी छोटी बहन 12 जून 2025 को बिना किसी को बताए घर से लापता हो गई है। घरवालों ने काफी खोजबीन की लेकिन युवती का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 18/2025 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की।
ऐसे हुआ खुलासा
करीब एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद 15 जुलाई 2025 को पुलिस को पीड़िता की लोकेशन के संबंध में सुराग मिला और अंततः उसे बरामद कर लिया गया। इसके बाद जब पीड़िता के बयान दर्ज किए गए तो मामले की गंभीरता सामने आई। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सुरेश पिता निरंजन (21 वर्ष), निवासी ग्राम पचावल, थाना सनावल, जिला बलरामपुर ने पहले उसके कुछ पुराने फोटो दिखाए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। आरोपी ने इसी डर और धमकी के चलते उसे अपने साथ महाराष्ट्र ले गया। वहां आरोपी ने युवती को एक महीने तक अपने पास बंधक बनाकर रखा और बार-बार उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी उसका वीडियो भी बनाता था और उसे धमकाता था कि वह वीडियो को सार्वजनिक कर देगा।
पुलिस ने किया त्वरित एक्शन
पीड़िता के बयान के आधार पर बसंतपुर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(ड), 69 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी एवं एसडीओपी रामअवतार ध्रुव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सोनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की गई।
टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के सहयोग से आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया और अंततः 28 जुलाई 2025 को आरोपी सुरेश को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर बलरामपुर लाया गया। बाद में उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस संपूर्ण कार्रवाई में निरीक्षक जितेन्द्र सोनी, प्रधान आरक्षक देवसाय राम, आरक्षक ताराचंद और लक्ष्मण प्रसाद की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने न सिर्फ युवती को सकुशल वापस लाने में सफलता पाई बल्कि आरोपी को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया, जिससे इलाके में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।




