भारत इंडोनेशिया की सेनाओं का शक्ति प्रदर्शन, स्नाइपर फायरिंग से परखी ताकत

बान्यूवांगी : 29 अक्टूबर 2026। भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति’ के दौरान दोनों देशों के विशेष बलों ने अपनी युद्धक क्षमता और निशानेबाजी कौशल का प्रदर्शन किया। इंडोनेशिया के बान्यूवांगी में चल रहे इस सैन्य अभ्यास के तहत भारतीय और इंडोनेशियाई स्पेशल फोर्सेज ने गुरुवार को संयुक्त लाइव-फायरिंग ड्रिल में हिस्सा लिया। इस दौरान सैनिकों ने कॉम्बैट मार्क्समैनशिप, ट्रांजिशन फायरिंग और स्नाइपर फायरिंग जैसी गतिविधियों का अभ्यास किया। संयुक्त प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना, युद्धक दक्षता बढ़ाना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैन्य अभियानों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने की क्षमता मजबूत करना है।

जानकारी के अनुसार, भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों ने संयुक्त फायरिंग अभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार की सामरिक परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं को परखा। सैनिकों ने युद्ध जैसी काल्पनिक परिस्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया देने, सटीक निशाना लगाने और हथियारों के प्रभावी इस्तेमाल का अभ्यास किया। इस दौरान विशेष रूप से गति, सटीकता और निशानेबाजी पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सैनिकों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां कम समय में सही निर्णय लेना और लक्ष्य पर सटीक निशाना साधना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

यह सैन्य अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति’ का 11वां संस्करण है, जिसकी शुरुआत 27 अक्टूबर 2026 को हुई थी। यह अभ्यास 6 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा। भारतीय सेना की ओर से पैराशूट रेजिमेंट के विशेष बलों के जवान इसमें भाग ले रहे हैं, जबकि इंडोनेशिया की ओर से वहां की स्पेशल फोर्सेज के सैनिक शामिल हैं। दोनों देशों के जवान विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर अपनी युद्धक रणनीतियों, तकनीकों और संचालन प्रक्रियाओं को साझा कर रहे हैं।

संयुक्त लाइव-फायरिंग ड्रिल के दौरान कॉम्बैट मार्क्समैनशिप प्रशिक्षण विशेष आकर्षण रहा। इसमें सैनिकों ने युद्ध जैसी परिस्थितियों में लक्ष्य पर निशाना साधने की क्षमता को बेहतर बनाने का अभ्यास किया। इसके अलावा ट्रांजिशन फायरिंग के माध्यम से बदलती परिस्थितियों में हथियार संचालन और लक्ष्य पर प्रतिक्रिया देने की दक्षता का परीक्षण किया गया। स्नाइपर फायरिंग अभ्यास के दौरान जवानों ने सटीक निशानेबाजी से संबंधित कौशल का प्रदर्शन किया। इस प्रकार का प्रशिक्षण विशेष सैन्य अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष ‘गरुड़ शक्ति’ युद्धाभ्यास का प्रमुख फोकस जंगलों में विशेष सैन्य अभियानों को अंजाम देने की रणनीतियों पर रखा गया है। इसके तहत दोनों देशों के सैनिक जंगलों में युद्ध संचालन, बाधाओं को पार करने, पर्वतारोहण, हवाई हमले से संबंधित प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में युद्धक क्षमता बनाए रखने जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सैनिकों को विभिन्न भौगोलिक और सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।

विशेष बलों के लिए जंगलों में सैन्य अभियान संचालित करना चुनौतीपूर्ण माना जाता है। घने जंगल, सीमित दृश्यता, कठिन रास्ते और मौसम की अनिश्चित परिस्थितियां सैन्य अभियानों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे वातावरण में सैनिकों को न केवल शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है, बल्कि उन्हें एक-दूसरे के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखना भी जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त अभ्यास में वास्तविक परिस्थितियों से मिलते-जुलते प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इस युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय और इंडोनेशियाई सैनिक एक-दूसरे के हथियारों, सैन्य उपकरणों और परिचालन प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी साझा कर रहे हैं। इससे दोनों देशों के विशेष बलों को एक-दूसरे की सैन्य कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिल रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के संयुक्त सैन्य अभ्यास अलग-अलग देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अभ्यास के अंतिम चरण में एक विशेष वैलिडेशन एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसमें वास्तविक सैन्य अभियानों जैसी परिस्थितियां तैयार की जाएंगी और दोनों देशों के जवानों की सहनशक्ति, युद्धक तैयारी तथा संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता का आकलन किया जाएगा। इस अंतिम प्रशिक्षण के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि दोनों देशों के सैनिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कितनी प्रभावी तरीके से आपसी तालमेल बनाकर कार्य कर सकते हैं।

भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश नियमित सैन्य संवाद, संयुक्त युद्धाभ्यास और रक्षा सहयोग के माध्यम से अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति भी रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को विशेष महत्व प्रदान करती है। जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भी दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। इस दौरान रक्षा सहयोग, सूचना साझाकरण, अनुसंधान और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया था।

इससे पहले ‘गरुड़ शक्ति’ युद्धाभ्यास का 10वां संस्करण दिसंबर 2025 में हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित विशेष बल प्रशिक्षण विद्यालय में आयोजित किया गया था। उस अभ्यास में भी दोनों देशों के सैनिकों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, निशानेबाजी और विशेष सैन्य रणनीतियों से संबंधित प्रशिक्षण लिया था। इस बार इंडोनेशिया में आयोजित अभ्यास के माध्यम से जंगलों में सैन्य अभियानों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

भारत और इंडोनेशिया के बीच चल रहा यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संयुक्त लाइव-फायरिंग प्रशिक्षण से सैनिकों को अपने कौशल को बेहतर बनाने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला है। आने वाले दिनों में आयोजित होने वाली अन्य सैन्य गतिविधियों और अंतिम वैलिडेशन एक्सरसाइज के जरिए दोनों देशों के विशेष बलों की संयुक्त परिचालन क्षमता को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।


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