#Social
मजार को लेकर पोस्ट निकली अफवाह

Bilaspur. बिलासपुर। जिला मुख्यालय पर स्थित ऐतिहासिक सांढू मैदान में एक बार फिर मजार को लेकर कथित विवाद चर्चा में रहा। अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर मजार को लेकर सवाल उठाए थे। जिससे यह मसला दोबारा उपज गया। हालांकि सोशल मीडिया पर मजार को लेकर की गई पोस्ट के बाद यहां पर कई लोग इस स्थल पर पहुंचे। लेकिन शांतिप्रिय तरीके से यह मसला भी खत्म हो गया। लेकिन दिनभर इस मसले को लेकर चर्चाओं का दौर रहा। इस मजार को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई थी। जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर मजार को लेकर सवाल उठाए गए थे। जिसके चलते देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा टीम एवं राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के पदाधिकारी संस्थापक रूमित सिंह ठाकुर की अगवाई में पहुंचे। इस बात की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मौके पर
पहुंचा।
बताया जा रहा है कि इस दौरान सभी लोगों की आपसी चर्चा इस मसले को लेकर हुई। वहीं, स्थानीय लोग भी इस दौरान मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाली गई थी वह पूरी तरह से अफवाह ही निकली है। इस दौरान रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि इस मजार को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक टिप्पणी की गई है। जोकि सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने समाज एवं सनातन धर्म की रक्षा के लिए देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा प्रथम पंक्ति में डटा रहा है। जिस प्रकार से सोशल मीडिया पर बिलासपुर में मजार के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश में अशांति फैलाने का प्रयास किया गया, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को देखने के बाद ही देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा की टीम मौके पर पहुंची और वहां स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरी सटीक जानकारी एकत्रित की। उन्होंने कहा कि यह पाया गया कि यह मजार लगभग 40 से 50 वर्ष पुरानी है। देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा जिला बिलासपुर के सदस्य मौके पर मौजूद रहे।




