मशहूर गायक किशोर दा का घर हुआ खंडहर में तब्दील, बेकद्री ऐसी कि लोग बोले स्मारक बना दीजिए
Famous singer Kishore Da's house turned into ruins, Bekdri such that people said make a memorial
बॉलीवुड के हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं. उनके गाये हुए सदाबहार नगमें आज भी हम सबके के दिलों में राज करते हैं, लेकिन खण्डवा में जिस घर मे किशोर कुमार का बचपन बीता है, उनका पुश्तैनी मकान इस वक्त बेहद जर्जर अवस्था में है, जो किसी भी समय ढह सकता है.
बता देंं कि किशोर कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुआ था, लेकिन खंडवा में जिस घर में उनका जन्म हुआ था, जिसमें वे पले-बढ़े थे आज वह घर खंडहर में तब्दील हो गया है. बॉलीवुड के एक ऐसे सितारे का महल है जिसके सितारे कभी गर्दिश में नहीं रहे. बॉलीवुड के बादशाह कहे जाने वाले किशोर कुमार का पुश्तैनी मकान है, जहां किशोर कुमार का बचपन गुजरा, जहां वे अपने दोस्तों के साथ खेलते, घूमते फिरते थे, पढ़ाई करते थे. इस घर के अंदर रखा सामान मानो आज भी उनकी प्रतीक्षा कर रहा है. हालांकि कुछ दिन पहले उनके पुश्तैनी मकान के बिकने की खबर आई थी. लेकिन अमित कुमार ने समाचार पत्रों में नोटिस देकर इस पर विराम लगा दिया. उनके प्रशंसक आज भी इस मकान में किशोर कुमार को तलाशते हैं. पिछले 30 सालों से यह मकान एक चौकीदार के जिम्मे है. उनके प्रशंसक इस मकान को एक स्मारक के रूप में देखना चाहते हैं, और सरकार से मांग कर रहे है कि इस मकान को स्मारक बना दिया जाए. लेकिन आलम कुछ और ही है

गौरतलब है कि राज्य सरकार हर साल किशोर कुमार की पूण्य तिथि 13 अक्टूबर को फिल्म उद्योग से जुड़े ख्याति प्राप्त व्यक्ति को राष्ट्रीय किशोर सम्मान देती है. खंडवा स्थित किशोर कुमार की समाधि पर देश ही नहीं विदेश से हजारों की संख्या में किशोर प्रेमी यह आते हैं. किशोर दा की समाधि पर माथा टेकते हैं, दूध जलेबी का भोग लगाकर गीतों से किशोर दा को श्रद्धांजलि देते हैं. ऐसे में जब किशोर प्रेमी किशोर दा की बचपन की यादें देखने उनके घर आते हैं, तो उनका दिल इस खंडहर जैसे मकान को देखकर टूट जाता है. लोगों की मांग है कि सरकार किशोर कुमार के परिवार से बात कर इसे स्मारक बनाया जाना चाहिए, जिसका लोगों को इंतजार है



