राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का आगाज़ आज से

आरंग। Arang News : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी आरंग आज से दो दिवसीय ‘राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव’ की भव्य शुरुआत के साथ संस्कृति, आस्था और इतिहास के महाकुंभ की साक्षी बनने जा रही है। त्याग, सत्य और धर्म की गौरवशाली परंपरा को समर्पित यह आयोजन प्रदेश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।

इस भव्य महोत्सव की परिकल्पना और नेतृत्व क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया है। उनके प्रयासों से आरंग को एक बार फिर प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र पर विशिष्ट पहचान मिल रही है।

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समापन समारोह में CM साय, पूरा मंत्रिमंडल रहेगा मौजूद

महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

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शोभायात्रा से होगा शुभारंभ

महोत्सव के प्रथम दिवस 15 जनवरी को चंडी मंदिर से बाबा बागेश्वरनाथ और वेद माता गायत्री की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए इंडोर स्टेडियम परिसर पहुंचेगी, जहां पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा।

 

लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां

प्रथम दिवस की संध्या में सुवा नृत्य पार्टी (कोसमखुटा), पंथी नृत्य पार्टी (कुटेशर), इतिहासकारों के व्याख्यान, राजा मोरध्वज की भव्य झांकी सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। रात्रि 9 बजे से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय लोक गायक सुनील सोनी अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे।

16 जनवरी को कुमार विश्वास का काव्य पाठ

महोत्सव के दूसरे दिन प्रातः गायत्री यज्ञ-हवन के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। संध्या में लोरीक-चंदा नृत्य नाट्य और राजा मोरध्वज की झांकी के पश्चात रात्रि 8 बजे से देश के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

 

गुरु खुशवंत साहेब का संदेश

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आरंग की पहचान, इतिहास और आत्मसम्मान का उत्सव है। राजा मोरध्वज की गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

संस्कृति, आस्था और इतिहास का संगम

इस महोत्सव के माध्यम से

  • बाबा बागेश्वरनाथ धाम
  • मांडदेवल जैन मंदिर
  • भंडारपूरी धाम
  • माता कौशल्या धाम

जैसे आरंग के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयां मिलने जा रही हैं। महोत्सव समिति ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनें।

 


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