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राज्यपाल रमेन डेका से मिले भावसार फाउंडेशन के आंचलिक प्रमुख

Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में छत्तीसगढ़ सर्कल के आंचलिक प्रमुख अभिषेक सिंह ने सौजन्य भेंट की। यह भेंट primarily पर्यावरण जागरूकता और जनहित के व्यापक सरोकारों पर केंद्रित रही। इस अवसर पर अभिषेक सिंह ने राज्यपाल को आगामी 5 जून 2025 को आयोजित होने वाली विश्व पर्यावरण दिवस जागरूकता मैराथन के आयोजन की जानकारी दी और उन्हें बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा। यह मैराथन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित की जाएगी और इसका उद्देश्य आम जनमानस में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, हरित ऊर्जा और टिकाऊ जीवनशैली को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
श्री सिंह ने राज्यपाल को अवगत कराया कि यह आयोजन न केवल एक मैराथन के रूप में सीमित रहेगा, बल्कि इसमें वृक्षारोपण अभियान, सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर जनसंवाद, जल संरक्षण पर कार्यशालाएं तथा स्थानीय समुदायों के साथ सहभागिता वाले कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण का निर्माण करना है। राज्यपाल रमेन डेका ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है, और ऐसे आयोजनों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा देकर सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों को सराहा और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक सहमति भी प्रदान की।
राज्यपाल ने कहा, “हम सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास की दौड़ में प्रकृति का संतुलन न बिगड़े। वृक्षारोपण, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर सतत प्रयास ही भावी पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं। राज्यपाल होने के नाते यह मेरा कर्तव्य है कि मैं ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन दूं जो समाज को सजग और संवेदनशील बनाते हैं।” इस अवसर पर संस्था के सदस्य अतुल सिंह और संजय पॉल भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्यपाल को कार्यक्रम के अन्य पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि यह आयोजन युवाओं, छात्रों, सामाजिक संगठनों, पर्यावरणविदों और आम नागरिकों को एक साथ जोड़ने का मंच बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि जागरूकता मैराथन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से प्रतिभागी शामिल होंगे और इसके माध्यम से एक सकारात्मक संदेश पूरे प्रदेश में प्रसारित किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य भर के विद्यालय, कॉलेज, खेल संघ, स्वयंसेवी संस्थाएं और प्रशासनिक अधिकारी भी भागीदारी करेंगे। राज्यपाल डेका ने आयोजन समिति को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन देते हुए यह भी सुझाव दिया कि इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन की पहल न रहकर जीवनशैली का हिस्सा बन सके। राजभवन में संपन्न इस मुलाकात ने पर्यावरण सरोकारों को एक नई दिशा देने की उम्मीदें जगाईं हैं और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को हरित राज्य बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित हो सकता है।




