रोहित तोमर फिर गिरफ्तार, कमिश्नरी कोर्ट ने

रायपुर। CG NEWS : राजधानी में सूदखोरी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने चर्चित आरोपी रोहित सिंह तोमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप दर्ज थे। कमिश्नरी कोर्ट में चली सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया गया।

राजधानी में प्रशासन की सख्ती

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लंबे समय से सूदखोरी से जुड़े मामलों पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस और प्रशासन ने आरोपी रोहित सिंह तोमर के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पर लोगों को ऊंची ब्याज दरों पर पैसा उधार देकर अवैध वसूली करने और दबाव बनाने के आरोप थे।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें प्रमुख रूप से मारपीट, धमकी और अन्य आपराधिक प्रकरण शामिल हैं। पिछले वर्ष तेलीबांधा, पुरानी बस्ती सहित कई थाना क्षेत्रों में शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

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कमिश्नरी कोर्ट का फैसला
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, कार्यपालक शक्तियों के तहत कमिश्नरी कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार किया गया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजने का आदेश दिया। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सूदखोरी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम आवश्यक था।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहित सिंह तोमर का नाम पहले भी कई विवादित मामलों में सामने आ चुका है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आरोपी उधारी के नाम पर लोगों पर दबाव बनाता था और वसूली के दौरान धमकी व हिंसा का सहारा लेता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी।

बड़े भाई पर भी हुई थी कार्रवाई
इस प्रकरण में आरोपी के परिवार का नाम भी चर्चा में रहा है। रोहित सिंह तोमर के बड़े भाई रूबी उर्फ वीरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ भी पुलिस ने पहले सख्त कार्रवाई की थी। वीरेंद्र सिंह तोमर को लेकर पुलिस की कार्रवाई उस समय सुर्खियों में आई थी, जब सार्वजनिक रूप से उनका जुलूस निकाला गया था।बताया जाता है कि वीरेंद्र सिंह तोमर को 9 नवंबर को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी रहा अहम
इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी महत्वपूर्ण रहा। 19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने चार मामलों में गिरफ्तारी पर रोक को लेकर आदेश जारी किया था। हालांकि, ताजा कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया और अन्य प्रकरणों के आधार पर की गई बताई जा रही है।

 


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