विराट कोहली के संन्यास लेने के अटकलों पर सिद्धू ने उठाए सवाल, कहा- इंग्लैंड दौरे पर होगी अनुभवी खिलाड़ी की जरूरत

विराट कोहली के संन्यास लेने के अटकलों पर सिद्धू ने उठाए सवाल, कहा- इंग्लैंड दौरे पर होगी अनुभवी खिलाड़ी की जरूरत

Navjot Singh Sidhu (img: tw )

नई दिल्ली, 11 मई : पूर्व भारतीय बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू ने 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के इरादे पर सवाल उठाया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के करीबी सूत्रों के अनुसार, 36 वर्षीय इस दिग्गज खिलाड़ी ने हाल ही में खेल के सबसे लंबे प्रारूप को छोड़ने की मंशा जाहिर की थी. बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि कोहली से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए आग्रह किया गया है. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का नया सर्कल इंग्लैंड दौरे से शुरू हो रहा है.

सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया. एक वीडियो में उन्होंने कहा, “विराट कोहली के संन्यास लेने के फैसले ने पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. उनका इरादा सही है, उनका उद्देश्य नेक है. लेकिन समय और अवसर उचित नहीं है, क्योंकि भारत का गौरव और प्रतिष्ठा दांव पर है. हम एक ऐसे दौरे पर जा रहे हैं जो अन्य टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए भी सबसे कठिन टेस्ट है. यह भी पढ़ें : IND-W vs SL-W Womens Tri-Nation Series 2025 Final Scorecard: भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को दिया 343 रनों का विशाल लक्ष्य, स्मृति मंधना ने ठोका ताबड़तोड़ शतक, यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

सिद्धू ने कोहली को भारत का “इंग्लैंड में चमकता हुआ योद्धा” करार दिया है. कहा, कोहली की अनुपस्थिति में भारतीय टीम के पास ज्यादा अनुभव नहीं रहेगा, क्योंकि रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट क्रिकेट से दूर हो चुके हैं. सिद्धू ने कहा, “मैं क्यों कहता हूं कि कोहली इंग्लैंड में हमारे लिए सबसे ताकतवर खिलाड़ी हो सकते हैं? क्योंकि उनके पास अनुभव है, खासकर रोहित शर्मा के जाने के बाद. आप इंग्लैंड में अनुभवहीन टीम नहीं भेज सकते.”

2011 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें उन्होंने 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए हैं. उन्होंने 68 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व भी किया, जिससे वे इस फॉर्मेट में देश के सबसे सफल कप्तान बन गए. उनकी तीव्रता, फिटनेस और नेतृत्व ने भारत को घरेलू और विदेशी दोनों ही जगहों पर एक प्रभावशाली टेस्ट टीम में बदल दिया.



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