शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन दो अंतर राज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त

शिमला। हिमाचल प्रदेश की शिमला पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए दो बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में चंडीगढ़ और मोहाली से जुड़े मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि अब केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचकर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

सोमवार को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) मेहर पंवार ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हाल के महीनों में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच का तरीका बदला है। अब हर मामले में केवल बरामदगी या स्थानीय आरोपी तक सीमित रहने के बजाय उस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरे नेटवर्क को संचालित करता है।

मेहर पंवार ने बताया कि शिमला पुलिस ने जांच के दौरान **’बैकवर्ड लिंकेज’** यानी पीछे की कड़ियों का पता लगाने की रणनीति अपनाई है। इस प्रक्रिया के तहत यह जानने की कोशिश की जाती है कि नशीले पदार्थ आखिर कहां से आ रहे हैं, किसके जरिए उनकी सप्लाई हो रही है और इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक कौन है।

उन्होंने कहा, **”शिमला पुलिस अब अंतर-राज्यीय सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने और मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे हमें इन नेटवर्क को ज्यादा प्रभावी ढंग से तोड़ने में मदद मिलती है।”**

पुलिस के अनुसार, इसी रणनीति के तहत की गई जांच में दो अलग-अलग मामलों में चंडीगढ़ और मोहाली से मुख्य सप्लायरों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए दोनों राज्यों में जाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से नशे की आपूर्ति करने वाले बड़े नेटवर्क को झटका लगा है।

अतिरिक्त एसपी ने बताया कि पहले कई मामलों में केवल स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थ बेचने वाले या छोटे तस्कर ही पकड़े जाते थे। लेकिन अब जांच को आगे बढ़ाकर उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है जो पूरे सप्लाई चेन को नियंत्रित करते हैं। इससे भविष्य में नशे की आपूर्ति रोकने में भी मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि अंतर-राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें कई राज्यों के बीच समन्वय और तकनीकी जांच की आवश्यकता होती है। इसके लिए स्थानीय पुलिस के अलावा अन्य राज्यों की पुलिस एजेंसियों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखा जाता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशा तस्करी के मामलों में डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी जानकारियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। इन माध्यमों से यह पता लगाने का प्रयास किया जाता है कि नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सप्लाई की पूरी श्रृंखला कैसे संचालित होती है।

मेहर पंवार ने कहा कि शिमला पुलिस की प्राथमिकता केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी नहीं, बल्कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश करना है। यदि मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बनाई जाती है तो छोटे स्तर पर काम करने वाले तस्करों का नेटवर्क स्वतः कमजोर पड़ जाता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस भविष्य में भी इसी रणनीति पर काम जारी रखेगी। हर मामले में जांच को आगे बढ़ाकर नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। इससे नशे के कारोबार पर अधिक प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सकेगा।

शिमला सहित हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हाल के वर्षों में नशा तस्करी के मामलों में वृद्धि को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किए हैं। राज्य सरकार और पुलिस विभाग लगातार लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कहते रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए केवल गिरफ्तारियां पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुलिस अब जांच के दौरान सप्लाई चेन की प्रत्येक कड़ी का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके पास नशा तस्करी से संबंधित कोई जानकारी हो तो उसे पुलिस के साथ साझा करें। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ऐसे नेटवर्क को और तेजी से समाप्त किया जा सकता है।

शिमला पुलिस की इस कार्रवाई को अंतर-राज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चंडीगढ़ और मोहाली से मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के बाद जांच अभी भी जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी इसी तरह की लक्षित कार्रवाई जारी रहेगी और राज्य के बाहर संचालित होने वाले नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस हर स्तर पर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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