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शिवाजी की मूर्ति ढहने पर MVA के विरोध पर सीएम एकनाथ शिंदे


Nagpurनागपुर : महा विकास अघाड़ी के विरोध को ‘राजनीतिक’ बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि यह दुखद है कि विपक्ष शिवाजी महाराज के मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में महाराष्ट्र की जनता उन्हें (विपक्ष को) जूतों से पीटेगी। “यह हमारे लिए बहुत दुखद बात है। शिवाजी महाराज हमारे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकते, यह हमारे लिए पहचान और आस्था का मामला है। जो घटना हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण थी। इस पर राजनीति करना दुखद बात है और विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। कर्नाटक में शिवाजी महाराज की मूर्ति तोड़ने के लिए दो जेसीबी लाई गईं और उस मूर्ति को उखाड़ दिया गया, ऐसा करने वालों की पिटाई होनी चाहिए। ऐसा करने के बजाय, वे (एमवीए) यहां विरोध कर रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र

के लोग समझदार हैं, वे यह देख रहे हैं। आने वाले चुनावों में महाराष्ट्र की जनता उन्हें जूतों से पीटेगी,” उन्होंने कहा।

इससे पहले आज शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि जब इतनी बड़ी घटना हुई है तो अघाड़ी चुप नहीं बैठेगी और भाजपा उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए पागल हो गई है। उन्होंने कहा, ” महाराष्ट्र में यही समस्या है । देवेंद्र फडणवीस इस सब के पीछे मास्टरमाइंड हैं। पूरा देश यह जानता है। मोदी जी भी यह जानते हैं। चाहे मुख्यमंत्री हों या उपमुख्यमंत्री, क्या माफी मांगने से समस्या हल हो जाएगी? महाराष्ट्र के लोगों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने दें। क्या हम चुप बैठेंगे? छत्रपति शिवाजी महाराज की इतनी बड़ी मूर्ति टूट गई, वह भी सात महीने में किले में और हम चुप बैठेंगे? क्या महाराष्ट्र के लोग नपुंसक हैं? हमें लोकतांत्रिक तरीके से कुछ आंदोलन करना चाहिए। यह लोकतंत्र की एक बड़ी खूबी है कि आप विरोध कर सकते हैं।”
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने के बाद भी सरकार को कोई शर्म नहीं आई। उन्होंने कहा, “यह भूमि छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि के रूप में जानी जाती है, उनकी मूर्ति गिर गई, और उन्हें इस पर कोई शर्म नहीं है। वे कह रहे हैं कि इसका राजनीतिकरण न करें, लेकिन अगर भाजपा समर्थन में विरोध कर रही है, तो उन्हें शर्म आनी चाहिए। महाराष्ट्र की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। उन्हें लगता है कि पीएम मोदी ने माफ़ी मांगी है। आप मुट्ठी बांधकर हज़ारों लोगों के सामने माफ़ी नहीं मांगते। महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है… वे हेलिकॉप्टर से मालवन क्यों नहीं गए और उस जगह का दौरा क्यों नहीं किया जहां राज्य का पतन हुआ?” उन्होंने कहा। एनसीपी-एससीपी नेता राजेश टोपे ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र का गौरव और आत्मा हैं। मुझे लगता है कि इस घटना ने इन दोनों को आहत किया है। हमारा विरोध मार्च लोकतंत्र का हिस्सा है। अनुमति न देना लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए, उन्हें अनुमति देनी चाहिए।” हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक एमवीए के विरोध मार्च का उद्देश्य घटना की निंदा करना था, वहीं भाजपा ने मुंबई के दादरी इलाके में एमवीए के खिलाफ जवाबी प्रदर्शन किया और एमवीए पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा 26 अगस्त को ढह गई थी। पिछले साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस समारोह के दौरान इसका अनावरण किया गया था, जो सिंधुदुर्ग में इस तरह का पहला आयोजन था। (एएनआई)

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