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शोघी में आउटसोर्स विद्युत कर्मी की मौत पर जांच कमेटी का खुलासा

Shimla. शिमला। शिमला के शोघी में हुई विद्युत कर्मचारी की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसा ही एक हादसा कांगड़ा जिला में भी हुआ है। शिमला में जिस आउटसोर्स कर्मचारी सुशील कुमार की मौत हुई है उसे लेकर बिजली बोर्ड ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बिठाई है। मंगलवार को इसकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई बातें सामने आई हैं, जिसमें यह कहा गया है कि इस कर्मचारी ने बिना गलब्ज पहने ही स्विच को हाथ लगा दिया और उससे झटका लग गया। मगर यहां सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या बिजली बोर्ड अनस्किल्ड लेबर से ही काम चलाएगा। ऐसे कई सवाल यहां पर खड़े हो गए हैं। दुर्घटना दुखद हैं, परंतु इसमें कर्मचारी की लापरवाही भी कहीं न कहीं दोषी है। बिजली बोर्ड ने दो लाख रुपए की फौरी राहत इस कर्मचारी के परिवार को देने को कहा है और वहीं बोर्ड जिलाधीश शिमला को भी
सिफारिश करेगा।
जहां से चार लाख रुपए की मदद इसके परिवार को मिल सकती है। सुशील कुमार वर्ष 2017-18 में यहां आउटसोर्स पर लगा था। बताया जाता है कि इलेक्ट्रिक सेक्शन शोघी में 12 कर्मचारियों की जरूरत है मगर वर्तमान में यहां पर चार ही कर्मचारी तैनात थे। इसमें से एक की मौत हो गई है। मंगलवार को इस हादसे की प्राथमिक रिपोर्ट दी गई है, जिसमें कुछ बिंदुओं का उल्लेख किया है। इसमें लाइन में लीकेज भी बताई गई है वहीं कर्मचारी की लापरवाही को भी दोषी करार दिया है। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि बिजली बोर्ड में प्रोफेशनल कर्मियों की नियुक्तियां होनी चाहिए। यूनियन के महासचिव हीरा लाल ने इस संबंध में एक पत्र सरकार व बोर्ड प्रबंधन को लिखा है जिसमें कहा गया है कि बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है और स्टाफ कम होने के चलते अत्यधिक बोझ पड़ रहा है।




