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सदन में हंगामा करना विपक्ष की आदत: प्रवीण खंडेलवाल


नई दिल्ली: मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा से विपक्ष के वॉकआउट करने पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हंगामा करना विपक्ष की आदत बन गई है।
गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि हंगामा करना उनकी आदत बन गई है और वे तार्किक तर्कों की कमी के कारण संसदीय चर्चाओं से भागते हैं। उनके अनुसार, विपक्ष की यह रणनीति सदन की कार्यवाही को बाधित करने की है, जिसे देश स्पष्ट रूप से देख रहा है और समझ रहा है। विपक्ष हंगामा कर क्या हासिल करना चाहता है?
भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्ष को हंगामा करने की बजाय संसद की कार्रवाई में भाग लेना चाहिए। विपक्ष के हंगामा करने से नुकसान ही होता है जो कि ठीक नहीं है।
30 जुलाई को राज्यसभा में जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बोलना शुरू किया तो विपक्ष के सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया था। वह पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत के सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आयोजित विशेष चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में आए थे। विपक्ष का तर्क था कि लोकसभा की ही तरह राज्यसभा में भी चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहिए। अपनी इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की और वॉक आउट किया।
लोकसभा और राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने अपनी-अपनी बात रखी। सत्ता पक्ष के सांसदों की ओर से जहां ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और सीजफायर के मुद्दे पर विस्तार से बताया गया, तो वहीं, कांग्रेस लगातार सरकार से कई सवाल पूछती रही।
वहीं, राजधानी दिल्ली में आवारा कुत्तों के आतंक पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मामले पर काम कर रही है और एक उचित नीति बनाने के लिए चर्चा चल रही है। आवारा कुत्ते एक गंभीर मुद्दा बन गए हैं और इसका समाधान निकालना जरूरी है।

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