600 CCTV और 2000 वाहनों की जांच से खुला परी हत्याकांड का राज, पति-पत्नी गिरफ्तार
बिना नंबर की स्कूटी बनी जांच की सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और NH-709B के आसपास लगे करीब 600 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा 2000 से ज्यादा वाहनों की जांच की गई। इसी दौरान पुलिस को एक बिना नंबर की सफेद स्कूटी दिखाई दी, जो घटना से जुड़ी अहम कड़ी साबित हुई। CCTV फुटेज में एक पुरुष और महिला स्कूटी पर करीब दो साल की बच्ची के साथ नजर आए। पुलिस ने स्कूटी के रूट और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि यह स्कूटी दिल्ली के शास्त्री पार्क, जीरो पुश्ता और उस्मानपुरी इलाके में रहने वाले अमन सागर से जुड़ी है।
दिल्ली से मथुरा तक जुड़ी हत्या की कड़ी
पुलिस जब अमन सागर के किराए के मकान तक पहुंची तो मकान मालिक ने बताया कि अमन अपनी पत्नी रचना, दो साल की बेटी और 14 वर्षीय परी के साथ रहता था। खास बात यह थी कि 13 अगस्त को ही अमन मकान खाली करके चला गया था। जांच में सामने आया कि अमन मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है। पुलिस टीम मथुरा पहुंची तो पता चला कि अप्रैल 2026 में हाईवे थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय परी के अपहरण का मामला अमन के खिलाफ दर्ज हुआ था। इसके बाद पुलिस ने अमन और उसकी पत्नी रचना को हाथरस से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया कि काठा गांव के पास मिली अधजली लाश 14 वर्षीय परी की ही थी।
बच्चे की देखभाल के बहाने दिल्ली ले गया था अमन
पुलिस के अनुसार, अमन और उसकी पत्नी मथुरा में कपड़ों की दुकान चलाते थे। इसी दौरान परी से उनकी पहचान हुई। अमन ने पत्नी से बच्चे की देखभाल के लिए परी को दिल्ली ले जाने की बात कही थी। पुलिस का दावा है कि बाद में अमन और परी के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जिसके चलते घर में विवाद होने लगा। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद अमन और रचना ने कथित तौर पर परी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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