गंडक बैराज से छोड़ा गया 2.64 लाख क्यूसेक पानी, नदी के जलस्तर पर बढ़ी निगरानी
गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है। प्रशासन की टीमें नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में जलस्तर और संभावित प्रभावों की निगरानी कर रही हैं।
भारी पानी छोड़े जाने से बढ़ी सतर्कता
मानसून के दौरान गंडक नदी में जलस्तर बढ़ना आम बात है, लेकिन बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाती है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी बैराज की स्थिति और नदी के प्रवाह की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की जा रही है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। गंडक नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में नाव संचालन, आवागमन और अन्य गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव और संभावित प्रभावों पर है।
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