सिम्स की बदहाल व्यवस्था पर हाईकोर्ट में शपथ पत्र
सुनवाई के दौरान सिम्स की व्यवस्थाओं को लेकर मार्च और अप्रैल महीने में किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया। कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट में अस्पताल की कई खामियों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार सिम्स के विभिन्न हिस्सों में पानी के रिसाव की गंभीर समस्या सामने आई थी। कई स्थानों पर पानी भरने की स्थिति बनी हुई थी, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। निरीक्षण रिपोर्ट में अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि सिम्स का फायर फाइटिंग सिस्टम लंबे समय से बंद पड़ा हुआ था। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि फायर फाइटिंग सिस्टम की मरम्मत करा दी गई है और अब इसे दुरुस्त कर दिया गया है।
इसके अलावा सिम्स में जरूरी चिकित्सा मशीनों और उपकरणों की उपलब्धता का मुद्दा भी कोर्ट के सामने रखा गया। सीजीएमएससी की ओर से पूर्व में पेश किए गए शपथ पत्र में चार्ट के जरिए खरीदी प्रक्रिया की विस्तृत स्थिति बताई गई थी। शपथ पत्र के अनुसार सिम्स के लिए कुल 31 एडवांस्ड मशीनों और उपकरणों की खरीदी की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से अब तक 13 मशीनें अस्पताल पहुंच चुकी हैं। इन मशीनों के आने से अस्पताल में इलाज और जांच से जुड़ी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
इसके साथ ही दो अन्य मशीनों के लिए जून महीने में ही परचेज ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। वहीं, दो मशीनों की कीमत अधिक होने के कारण उनकी खरीदी के लिए सिम्स प्रबंधन से मंजूरी मांगी गई है। मंजूरी मिलने के बाद इन मशीनों के लिए भी खरीद आदेश जारी किया जाएगा। शपथ पत्र में यह भी बताया गया है कि दो मशीनें फिलहाल तकनीकी परीक्षण यानी टेक्निकल डेमो के चरण में हैं। परीक्षण पूरा होने के बाद उनकी खरीदी को लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। बाकी मशीनों की स्थिति और खरीदी प्रक्रिया को लेकर सीजीएमएससी अब नया शपथ पत्र कोर्ट में पेश करेगा।
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