शादी का झांसा देकर नाबालिग को ले गया मुंबई, रेपिस्ट गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पत्थलगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 20 सितंबर 2026 को थाने पहुंचकर अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 17 सितंबर की रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। उस दौरान उनकी बेटी अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। अगले दिन सुबह जब परिवार के सदस्य उठे तो बालिका कमरे में मौजूद नहीं थी। बेटी के अचानक लापता होने से परिजन परेशान हो गए। उन्होंने गांव और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया गया, लेकिन बालिका के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी बीच परिजनों ने अजय पुरी नामक युवक पर बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का संदेह जताया।
इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पत्थलगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 208/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में प्रकरण दर्ज किया। नाबालिग बालिका की तलाश को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटानी शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी टीम की भी सहायता ली गई। लगातार पतासाजी के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि संदिग्ध युवक बालिका को लेकर महाराष्ट्र के मुंबई स्थित नाला सोपारा इलाके में रह रहा है। इस सूचना के बाद पत्थलगांव थाने से एक विशेष पुलिस टीम मुंबई रवाना की गई। टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और संदिग्ध ठिकाने का पता लगाया। पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई करते हुए नाला सोपारा से नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। साथ ही आरोपी अजय पुरी को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर जशपुर पहुंची।
जशपुर पहुंचने के बाद महिला पुलिस अधिकारी ने बालिका का बयान दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि उसका परिचय आरोपी अजय पुरी से वर्ष 2024 में हुआ था। परिचय बढ़ने के बाद आरोपी उससे लगातार संपर्क में रहने लगा। आरोप है कि युवक ने शादी करने का आश्वासन देकर बालिका का विश्वास हासिल किया और अलग-अलग अवसरों पर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने अपने बयान में यह भी बताया कि 18 सितंबर को आरोपी उसे काम दिलाने का बहाना बनाकर मुंबई ले गया था। वहां दोनों नाला सोपारा इलाके में रह रहे थे। पुलिस ने बालिका के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण में अतिरिक्त धाराएं शामिल कीं। पुलिस के मुताबिक, विवेचना के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम), 87 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम यानी पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गई हैं।
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