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पीएससी पर घिरी भूपेश सरकार, हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद अब भाजपा हमलावर

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयन व नियुक्ति के मामले में अब सियासत घमासान हो गई है, हाईकोर्ट में लगी याचिका में कल हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों का पीएससी में चयन होना अगर संयोग है तो ये संयोग बेहद गलत है। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है, इधर भाजपा ने इस मामेल में कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है, भाजपा महामंत्री व पूर्व आईएएस ओपी चौधरी ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

पीएससी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का बयान सामने आया है. रमन सिंह ने कहा, ये कांग्रेस सरकार की हार है. सरकार ने पीएससी को भी नहीं छोड़ा, अधिकारी, राजनेताओं की मिलीभगत रही.
चेयरमैन के परिवार के 4 लोग का सिलेक्शन होता है, यह छत्तीसगढ़ को कलंकित करने वाला फैसला रहा है. आज जो अपने हक के लिए युवा लड़ रहे थे, उनकी जीत है.

बता दें कि छत्तीसगढ़ पीएससी में गड़बड़ी को लेकर बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है. याचिका में कहा गया है कि अपात्रों को भी चयनित कर लिया गया है, जिसमें नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों के बेटे-बेटियां और रिश्तेदार शामिल हैं. इन लोगों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और दूसरे पद दे दिए गए हैं. मामले को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई, जो बुधवार को भी जारी रहेगी हाईकोर्ट में लगी याचिका में ननकीराम कंवर ने राजभवन में सचिव अमृत खलको का बेटा और बेटी के डिप्टी कलेक्टर बनने पर सवाल खड़ा किया है. साथ ही पीएससी चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों के चयन होने को भी गलत बताया है. याचिका में कहा गया है कि पीएससी में जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों ने अपने चहेतों और रिश्तेदारों को रेवड़ियों की तरह नौकरी बांटी. साथ ही करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है. मामले में आज सुनवाई हुई, जो कल भी जारी रहेगी.

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