राज्योत्सव: श्रम विभाग का स्टॉल बना श्रमिकों एवं आम नागरिकों के आकर्षण का केंद्र

श्रम विभाग की एक अन्य योजना है मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना इसमें पंजीकृत निर्माण श्रमिक के प्रथम 2 बच्चों को 1000रुपए से लेकर 10000 रुपए तक की छात्रवृत्ति बतौर प्रोत्साहन राशि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कक्षा 1 से लेकर स्नातकोत्तर तक पढ़ाई जारी रखने और उन्हे आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना यह ऐसी योजनाएं है जिससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों जिसमें महिलाएं भी शामिल है उन्हें उनके श्रम के लिए पेंशन भी दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना में प्रतिमाह रुपये 1500/-पेंशन जीवन पर्यन्त दिया जाता है। इस तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं उनके बच्चो को शैक्षणिक योग्यता अनुरूप विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाती है।
छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना भी संचालित है जिसमें 59 वर्ष से 60 वर्ष तक के आयु वर्ग के निर्माण श्रमिक जो विगत 03 वर्ष से मंडल में पंजीकृत है उन्हें 20,000 एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है। श्रम विभाग के स्टॉल में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस तरह से अपने प्रदेश के श्रमिकों के हित के लिए, जिन महती योजनाओं का क्रियान्वयन किया है वह बहुत महत्वपूर्ण है इससे प्रदेश के श्रमिकों को अपने श्रम का उचित मूल्य दिया जा रहा है एवं स्टॉल के माध्यम से उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा भी जा रहा है।




