CM साय ने तातापानी महोत्सव में विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन

अर्जित कर रहा है। शिवमंगल की कला को महोत्सव में प्रदर्शित किया गया, जहां मटके, कुल्हड़ और अन्य मिट्टी के बर्तनों की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक कला को प्रोत्साहन देने के लिए उनकी सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बुनकर सौदन सिंह के आग्रह पर गांधीजी के आत्मनिर्भरता के प्रतीक चरखे को भी चलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
स्टॉल में आदिवासी परंपरा, वाद्य यंत्र, बांस की कलाकृतियां और देवगुड़ी की झलक प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और उनकी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्टॉल संचालकों और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन स्थानीय कला, संस्कृति और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का बढ़िया माध्यम है।




