गैंगस्टर अमन साहू की तस्वीरे आई सामने, बैरक से खिचवाई थी फोटो

Jharkhand. झारखंड। झारखंड पुलिस ने मंगलवार को गैंगस्टर अमन साहू (साव) को एनकाउंटर में मार गिराया। अमन साहू 148 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद था। इस दौरान उसने जेल में फोटोशूट करवाया। एनकाउंटर के बाद साव के गुर्गों ने तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट अपलोड किया, जो अब वायरल हो रही हैं। गैंगस्टर अमन साव 19 अक्टूबर 2024 को रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया था। फोटो में दिख रहा है कि अमन जेल के सेल में बंद है। वह अलग-अलग पोज देकर फोटो शूट कराया है। अब कांग्रेस ने जेल में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं कि आखिर साव ने जेल के अंदर फोटोशूट कैसे करा लिया। हालांकि, जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य का कहना है कि यह फोटो हमारी जेल की नहीं है।

दरअसल, सोमवार देर शाम 8.11 बजे रायपुर जेल से अमन साहू को ATS की टीम रांची ले जा रही थी। जैसे ही स्कॉर्पियो चैनपुर-रामगढ़ रोड़ के अन्हारी ढ़ोढ़ा घाटी पहुंची। अमन साहू के साथियों ने, उसे छुड़ाने के लिए स्कॉर्पियो पर बम फेंका।’ घटना मंगलवार सुबह 9.15 बजे की है। बमबाजी के बाद अमन साहू ने हवलदार राकेश कुमार के हाथ से राइफल छीनकर फायरिंग की कोशिश की, तभी जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया। हवलदार की जांघ में गोली लगी है। उसका इलाज MMCH पलामू में चल रहा है।

रांची के बरियातू थाना इलाके के गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल के पास 7 मार्च को कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा की कार पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। विपिन मिश्रा और उसके ड्राइवर को भी गोली लगी है। कोयला कारोबारी के बॉडीगार्ड ने भी जब जवाबी फायरिंग की तो हमलावर फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, ये फायरिंग का काम जेल में बंद अमन साव के निर्देश पर उसके गुर्गे कर रहे हैं। इसी केस की पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस गैंगस्टर अमन साव को लेकर रांची जा रही थी।

गैंगस्टर अमन को जिस गाड़ी से ले जाया जा रहा था उस गाड़ी में हाई सिक्योरिटी और हथियार से पुलिस की टीम लैस थी। पहले साव को गाड़ी में बैठाया गया फिर दोनों ओर बंदूक लेकर पुलिस की टीम बैठी। झारखंड पुलिस की एक और टीम सामने एक और गाड़ी में चल रही थी। अमन साहू (साव) पर 50 से अधिक मामले रांची सहित राज्य के अगल-अलग थानों में दर्ज हैं। अमन का गिरोह रांची के अलावा रामगढ़, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, लातेहार और बोकारो में रंगदारी मांगने के लिए सक्रिय है।

गिरोह कोल माइनिंग कंपनियों, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्टर, बिल्डर, ठेकेदार और कारोबारियों को रंगदारी के लिए टारगेट कर रहा है। अगर इन्हें रंगदारी नहीं मिलती है तो गिरोह के गुर्गे या तो उन कारोबारियों के दफ्तर पर फायरिंग कर धमका रहे हैं या फिर उन्हें ही गोली मार रहे हैं। पिछले 6 माह में रंगदारी मांगने और गोली चलाने के आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। गैंगस्टर अमन गिरोह के खौफ से कई कारोबारियों ने अब घर से निकलना भी कम कर दिया है। उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं उन पर कोई रंगदारी नहीं देने को लेकर फायरिंग ना कर दे।


Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button