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नकली जेवर देकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार

Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नकली जेवर देकर घर-घर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने जिले के दुलदुला और कांसाबेल थाना क्षेत्र में कई घरों को निशाना बनाकर लोगों से लाखों रुपये के असली जेवरात ठगे थे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्य घर-घर जाकर महिलाओं को झांसा देते थे कि वे पुराने जेवरात की सफाई कर उसे नया जैसा बना सकते हैं। वे बड़ी सफाई से महिलाओं के असली सोने-चांदी के गहनों को धोने के बहाने लेते और धोखे से उसकी जगह नकली, हूबहू मिलते-जुलते जेवर लौटा देते थे। महिलाएं धोखे में तब तक रहतीं जब तक कि उन्हें असली जेवर के स्थान पर नकली होने का अहसास नहीं होता।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
दुलदुला और कांसाबेल क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार इस तरह की ठगी की घटनाएं सामने आ रही थीं। कई पीड़ित महिलाओं ने अपने कीमती आभूषणों की चोरी और धोखाधड़ी की शिकायत स्थानीय थानों में दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसने घटनाओं की तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने शिकायतों की गहनता से जांच करते हुए संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस किया और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दो ठगों की पहचान की। इसके बाद टीम ने छापा मारकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:
सुनील राठौर (36 वर्ष), निवासी सतना (मध्यप्रदेश)
विकास साहू (29 वर्ष), निवासी बनारस (उत्तर प्रदेश)
पुलिस ने इनके पास से नकली जेवरों का एक बड़ा जखीरा, गहनों की सफाई के नाम पर इस्तेमाल होने वाली सामग्री, तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है जिसका उपयोग ये भ्रमण कर ठगी करने के लिए करते थे। इसके अलावा उनके पास से नकदी व मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें कई पीड़ितों से संपर्क और धोखाधड़ी के सबूत मौजूद हैं।
ठगी के पीछे की योजना
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न राज्यों में घूम-घूम कर इसी तरह ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इस गिरोह का एक पूरा नेटवर्क है जिसमें अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हैं। ये लोग पहले किसी कस्बे या गांव में कुछ दिन रुकते, वहां महिलाओं का विश्वास जीतते और फिर झांसे में लेकर जेवर बदलकर रफूचक्कर हो जाते।
पुलिस की तत्परता से रोका गया बड़ा नुकसान
एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि यह एक अंतर्राज्यीय गिरोह है जिसकी गतिविधियों पर पहले भी कुछ राज्यों में नजर रखी जा रही थी। जशपुर पुलिस की सतर्कता से अब इस गिरोह की एक कड़ी को तोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी और गिरफ्तारियां संभावित हैं क्योंकि गिरोह में कई अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं।
महिलाओं को किया गया जागरूक
पुलिस विभाग की ओर से अब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि वे इस प्रकार के झांसे में न आएं। महिलाओं को सलाह दी गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहनों की सफाई या जांच के नाम पर जेवर न दें और ऐसी किसी गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
अंत में
इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर अपराधी आमजन को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और तेजी से कार्रवाई ने इस बार ठगों की चाल को विफल कर दिया। जशपुर पुलिस की यह कार्रवाई पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।




