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श्रीखंड यात्रा को ऑनलाइन होगा पंजीकरण, इस दिन से शुरू होगी यात्रा


Aani. आनी। उत्तर भारत की सबसे कठिन और जोखिम भरी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाने वाली श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा इस वर्ष 10 जुलाई से शुरू होगी। प्रशासन के अनुसार अंतिम जत्था 23 जुलाई को बेस कैंप सिंहगाड से रवाना किया जाएगा। श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की हाल ही में आयोजित बैठक में यात्रा के सुचारू संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। एसडीएम निरमंड एवं यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह ने जानकारी दी कि यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, हर दिन अधिकतम 800 श्रद्धालुओं को ही इस यात्रा की अनुमति दी जाएगी। श्रीखंड महादेव को पंच कैलाशों में से एक माना जाता है। गौरतलब है कि पंच कैलाशों में से तीन श्रीखंड महादेव, मणिमहेश और किन्नर कैलाश हिमाचल प्रदेश में ही स्थित हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल में एक रैली में इस बात का उल्लेख करते हुए हिमाचल की धार्मिक महत्ता को रेखांकित किया था। हिमालय की गोद में स्थित 18570 फुट ऊंचे श्रीखंड महादेव की यात्रा जितनी पवित्र मानी जाती है, उतनी ही जोखिम

भरी भी है।

हर साल हजारों श्रद्धालु इस कठिन ट्रैक पर निकलते हैं। श्रीखंड महादेव यात्रा लगभग 35 किलोमीटर की दुर्गम पैदल चढ़ाई है, जिसमें यात्रियों को बर्फ से ढके ग्लेशियर, खड़ी चढ़ाइयां और संकरे खतरनाक पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से सिंहगाड, थाचडू, कुंशा, भीमडवारी और पार्वतीबाग में पांच बेस कैंप स्थापित किए जाते हैं। इन कैंपों में मेडिकल स्टाफ, रेस्क्यू टीमें, पुलिस बल, होमगार्ड तथा अन्य विभागों के अधिकारी तैनात रहेंगे। विशेषकर अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान, वन विभाग, जलशक्ति विभाग और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका इस यात्रा में अहम रहती है। प्रशासन ने यात्रियों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। यह यात्रा केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और श्रद्धा की परीक्षा भी है। इस बारे में एसडीएम निरमंड एवं श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह ने कहा कि यात्रा को सफल बनाने में प्रशासन हरसंभव प्रयास कर रहा है। रास्तों की रेकी करवाकर उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है, जबकि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इंतजामों की रूपरेखा तैयार की गई है।

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