केंद्र ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत दी स्वीकृति

केंद्रीय ग्रामीण
विकास मंत्रालय के आदेश के अनुसार यह मंजूरी वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दी गई है। प्रभावित परिवारों के नाम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे। पात्रता की जांच पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी। इसमें ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनके मकान पहले पीएमएवाई-जी से बने थे, लेकिन प्राकृतिक आपदा में नष्ट हो गए।केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पात्र लाभार्थियों की प्रविष्टियां समय पर पूरी की जाएं और लक्ष्य आबंटन की तारीख से एक माह के भीतर मकानों की स्वीकृति प्रदान की जाए। इस मंजूरी से हिमाचल के सैकड़ों आपदा प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा है कि इसमें पीएमएवाई-जी के दिशानिर्देशों के प्रावधानों को पूरा किया जाए। राज्य को उन पात्र प्रभावित परिवारों का विवरण प्राप्त करने की अनुमति देने के लिए आवास प्लस 2024 विंडो खोलने की मंजूरी दी गई है, जिनके नाम एसईसीसी 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची और पीएमएवाई-जी के आवास प्लस 2018 सर्वेक्षण में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा राज्य को पीएमएवाई-जी की विशेष परियोजना के तहत पात्र प्रभावित लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
पीएमएवाई-जी
के दिशानिर्देशों के अनुसार विशेष परियोजना के लिए की जाती है और पात्र लाभार्थियों की पहचान और विवरण अपलोड करने का काम आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पूरा किया जाता है। आवास प्लस 2024 मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्र परिवारों की प्रविष्टियां करने और प्रारंभिक समय-सीमा अर्थात लक्ष्य के आवंटन की तारीख से एक महीने के भीतर पीएमएवाई-जी के तहत घरों को मंजूरी देने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।Source link


