सूरज जैसा बनना है तो मेहनत करना होगा, सूरज जैसा तपना होगा: कलेक्टर डॉ कन्नौजे

शिविर
के बीच ग्रामीण पुरुष और महिलाएं भी शामिल रही। इस शिविर के मंच में शिक्षा शर्मा डिप्टी कलेक्टर, लोकेश्वर पटेल प्राचार्य एवं एनएसएस एनसीसी जिला प्रभारी, कौशल्या श्याम पटेल सरपंच, संपादक गोल्डी नायक, आईक्यूएसी समिति सदस्य महाविद्यालय एवं कार्यक्रम के संचालक एनएसएस प्रभारी उसतराम पटेल तथा डॉ खूबचंद बघेल किसान सम्मान से सम्मानित गांव के वरिष्ठ किसान खेमराज पटेल, गर पटेल शिक्षक विशेष रूप से शामिल रहे।महाविद्यालय के प्राचार्य एनएसएस के प्रभारी और ग्रामीणों ने पहली बार गांव में कलेक्टर के आगमन पर साल और श्रीफल से उनका सम्मान किया। जिला कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने माता सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी एवं स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ महतारी राजकीय गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तथा छात्र – छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ किया। छात्राओं ने छत्तीसगढ़ एवं सुवा स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। मंच को उद्बोधित कर जिले के कलेक्टर डॉक्टर संजय कन्नौजे ने कहा कि 7 से 14 नवंबर तक राष्ट्रगीत वंदे मातरम का 150 वर्ष पूरा देश मना रहा है। आओ हम सब मिलकर कहते हैं वंदे मातरम ! राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र – छात्राओं की प्रारंभिक शैक्षणिक गतिविधियों में अनुशासित रहने, किसी भी कार्य को अच्छे ढंग से करने की शिक्षा, लोगों के बीच जन जागरूकता को बढ़ावा देना और उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में बहुत बड़ा साधक है। आज आप छात्र 7 दिन तक के शिविर में रहेगे आपके में आत्म बल बढ़ेगा और अन्य छात्रों से आपका बॉडी लैंग्वेज आपके कार्य कुशलता अलग नजर आती है। मैं भी एनसीसी से जुड़कर सी सर्टिफिकेट प्राप्त छात्र रहा हूं।
छात्र जीवन सीखने और आगे बढ़ाने का स्वर्णिम पल होता है और जब तक आप कड़ी मेहनत नहीं करेंगे सुख सुविधाओं का परित्याग कर अपने लक्ष्य के पीछे मोटिवेट नहीं होंगे, तब तक आप आप अपने – अपने परिवार के देश और समाज के विकास में सहायक नहीं बन पाएंगे, अच्छे जगह में नहीं पहुंच पाएंगे, अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर पाएंगे। आपने सूरज को देखा होगा सूरज दिन भर प्रचंड गर्मी में तपता है जलता है और जलने के बाद सारे संसार को रोशन करता है प्रकाश फैलता है इसलिए अगर आपको सूरज बनना है तो सूरज की तरह तपना होगा, मेहनत करना होगा, जलना होगा। प्राचार्य लोकेश्वर पटेल ने महाविद्यालय के शिविर के निरंतर प्रत्येक दिन आयोजित हो रहे जन जागरूकता अभियान गांव में निकाली जा रही रैलिया स्वास्थ्य शिक्षा और पर्यावरण की दिशा में छात्रों द्वारा किए गए कार्य के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए अपने कीमती समय में शिविर में उपस्थित होकर छात्रों के मनोबल बढ़ाने पर कलेक्टर का आभार जताया।
सेवा योजना
के छात्र एक अलग रूप से पहचाने जाते हैं और इसका स्लोगन आदर्श वाक्य भी यही है “मैं” नहीं बल्कि “आप”। राष्ट्रीय सेवा योजना का जो प्रतीक चिन्ह उड़ीसा के सूर्य मंदिर कोणार्क के चक्र के रूप में हमें निरंतर कार्य करने और सामाजिक परिवर्तन के साथ लाल और नीला रंग उत्साह और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिला प्रशासन के निरंतर चल रहे स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रमों में आप अपनी भागीदारी भी सुनिश्चित करें और समाज को नशाखोरी अन्य चीजों से दूर रखने के लिए जागरूक करें। आदरणीय कलेक्टर महोदय ने हम सभी की मांग पर महाविद्यालय में सुरक्षा दिवाल निर्माण की घोषणा और उस दिशा पर कार्य को आगे बढ़ाया उसके लिए मैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं।Source link




