कोरवा आत्महत्या केस: 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

नवंबर 2024 में विनोद अग्रवाल और प्रवीण अग्रवाल ने भइरा कोरवा की पत्नी जुबारो बाई के नाम दर्ज संयुक्त खाते की लगभग 6 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा ली। यह रजिस्ट्री राजपुर तहसील कार्यालय में शिवाराम नगेसिया, निवासी ग्राम नवकी, थाना राजपुर के नाम कराई गई थी। फर्जी तरीके से विशेष संरक्षित कोरवा जनजाति परिवार के संयुक्त खाते की जमीन रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस ने क्रशर संचालकों, पटवारी, पंजीयक सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। मामले में राजनैतिक पहुंच रखने वाले क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल फरार हैं। मामले में पुलिस ने क्रशर संचालकों के बड़े भाई महेंद्र अग्रवाल (52 वर्ष), निवासी राजपुर, सहयोगी अमित कुमार गुप्ता (34) निवासी बलरामपुर एवं पटवारी रजाउल हसन (38 वर्ष) निवासी उदारी, लुंड्रा को गिरफ्तार किया गया है।
मामले में पूर्व में शिवा राम नगेशिया, उदय शर्मा एवं कमला को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें जेल भेजा गया है। बलरामपुर SP वैभव बैंकर ने बताया कि मामले की जांच में पता चला कि विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल द्वारा 14 लाख रुपए का चेक बैंक ऑफ बड़ौदा अंबिकापुर के मध्यम से मूल्य चुकता बताकर पहाड़ी कोरवा की जमीन शिवाराम के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई थी। शिवाराम को मिले पैसे की जांच में पता चला कि उक्त पैसे प्रियंका ट्रेडर्स के संचालक अमित गुप्ता के खाते से RTGS की गई थी। अमित गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह राशि उसने विनोद अग्रवाल के बड़े भाई महेंद्र अग्रवाल के द्वारा ट्रांसफर कराए गए थे। उसे जोगी राम अग्रवाल के पेट्रोल पंप से नगद राशि दी गई थी। मामले में रजाउल हसन की भी संलिप्तता पाई गई। पूर्व में दर्ज प्रकरण में तीनों को सह आरोपी बनाया गया है।
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