महासमुंद जिला घोषित जल अभावग्रस्त, नलकूप खनन पर रोक

जन सुविधा और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को महासमुंद शहर (नगर पालिका क्षेत्र) के लिए और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को संबंधित अनुविभाग के लिए प्राधिकृत किया गया है। ये अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकाय और तहसील से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नलकूप खनन की अनुमति देंगे। साथ ही, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बोरवेल खनन और मरम्मत का कार्य केवल पंजीकृत एजेंसियों द्वारा किया जा सकता है। अधिनियम का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती जल मांग और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जल संरक्षण
अभियान और जल प्रबंधन के उपायों पर अधिक जोर दिया जाएगा। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी और अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा नलकूप खनन की निगरानी की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। महासमुंद जिले में यह निर्णय न केवल जल संसाधनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों का भी संकेत देता है। नागरिकों और संस्थाओं से आग्रह किया गया है कि वे नियमों का पालन करें और जल संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।Source link




