Fuel Crisis: गैस संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब राशन की दुकानों के साथ पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन

Fuel Crisis: गैस संकट के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब राशन की दुकानों के साथ पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन

(Photo Credits WC)

Fuel Crisis:  देश में रसोई गैस (LPG) की बढ़ती मांग और आपूर्ति में आ रही चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने आम नागरिकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. पेट्रोलियम मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब केरोसिन (मिट्टी का तेल) केवल राशन की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार ने अब पेट्रोल पंपों के माध्यम से भी केरोसिन की बिक्री करने का निर्णय लिया है. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को वैकल्पिक ईंधन प्रदान करना है जो गैस सिलेंडर की कमी के कारण खाना पकाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं.

सरकारी तेल कंपनियां संभालेंगी कमान

मंत्रालय के अनुसार, इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां इस योजना को लागू करेंगी. शुरुआती चरण में इन कंपनियों के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा. यहां से आम लोग अपनी जरूरत के अनुसार केरोसिन खरीद सकेंगे. इससे पहले केरोसिन मुख्य रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए केवल राशन कार्ड धारकों को ही मिलता था.  यह भी पढ़े:  LPG Cylinder Refills Update: रसोई गैस संकट के बीच क्या भारत में 14.2 किलो की जगह 10 kg का LPG सिलेंडर मिलेगा? समझें हॉर्मुज विवाद का असर

रसोई गैस संकट को दूर करने की कोशिश

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार और लॉजिस्टिक कारणों से एलपीजी की आपूर्ति में कुछ दबाव देखा जा रहा है. ऐसे में मोदी सरकार का यह फैसला एक बैकअप प्लान की तरह देखा जा रहा है. जिन परिवारों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, वे अब आसानी से केरोसिन खरीदकर स्टोव पर खाना बना सकेंगे. सरकार का मानना है कि इस कदम से विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें खाने-पीने की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा.

वितरण प्रक्रिया और उपलब्धता

पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराने के लिए तेल कंपनियों ने अपने आउटलेट्स पर अलग से स्टोरेज और वितरण की व्यवस्था शुरू कर दी है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा उन इलाकों में पहले शुरू की जाएगी जहां एलपीजी की प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) अधिक है. उपभोक्ताओं को इसके लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे पेट्रोल पंप से इसे प्राप्त कर सकेंगे.

आम जनता को मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई गैस पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने और आपातकालीन स्थिति में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह एक व्यावहारिक कदम है. राशन की दुकानों पर अक्सर स्टॉक खत्म होने या सीमित वितरण की शिकायतें रहती थीं, जिन्हें अब पेट्रोल पंपों के माध्यम से दूर किया जा सकेगा. सरकार की इस पहल से बाजार में ईंधन की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी और उपलब्धता सुनिश्चित होगी.




Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button