Mumbai Water Stock Update: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले जलाशयों का जलस्तर करीब 50% पहुंचा, 24 घंटे में 0.42 फीसदी की बढ़ोतरी

Mumbai Water Stock Update: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले जलाशयों का जलस्तर करीब 50% पहुंचा, 24 घंटे में 0.42 फीसदी की बढ़ोतरी

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मुंबई झील का स्तर आज: मुंबई और उसके जलग्रहण (कैचमेंट) क्षेत्रों में जारी मानसून की बारिश से मुंबईकरों के लिए राहत की खबर आई है. शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 की सुबह 6 बजे से लेकर शनिवार, 11 जुलाई 2026 की सुबह 6 बजे के बीच हुए भारी डाउनपोर के कारण मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों का कुल पानी स्टॉक बढ़कर 49.83% हो गया है. पिछले 24 घंटों के भीतर इन जलाशयों के कुल जलस्तर में 0.42% की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

इन 7 प्रमुख जलाशयों से होती है पूरे मुंबई की पानी सप्लाई

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को रोजाना लगभग 4,000 मिलियन लीटर पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है. यह पूरी सप्लाई मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में फैली सात प्राकृतिक और कृत्रिम झीलों से पूरी होती है. इन सातों जलाशयों के नाम इस प्रकार हैं  यह भी पढ़े: मुंबई झील का स्तर आज: मुसलाधार बारिश से तेजी से भरने लगे जलाशय, 24 घंटे में जल भंडार में 12.44% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी; कुल स्टॉक 41.36% पहुंचा

24 घंटे में 0.42 फीसदी की बढ़ोतरी

  1. भतसा (Bhatsa) – यह मुंबई को पानी देने वाला सबसे बड़ा जलाशय है.

  2. तानसा (Tansa)

  3. मोडक सागर (Modak Sagar)

  4. मध्य वैतरणा (Middle Vaitarna)

  5. ऊपरी वैतरणा (Upper Vaitarna)

  6. विहार (Vihar) – यह झील मुंबई की सीमा के भीतर स्थित है.

  7. तुलसी (Tulsi) – यह भी मुंबई शहर के भीतर स्थित सबसे छोटी झील है, जो हाल ही में ओवरफ्लो हुई है.

फिलहाल लागू है 10 फीसदी कटौती, जल्द राहत की उम्मीद

जून के महीने में मानसून की धीमी शुरुआत और झीलों के गिरते जलस्तर के कारण बीएमसी ने एहतियात के तौर पर पूरे मुंबई शहर में 10% पानी की कटौती लागू की थी. हालांकि, जुलाई की शुरुआत से ही कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है.

जिस रफ्तार से इन झीलों में पानी जमा हो रहा है, उसे देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों और नागरिकों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही शहर में पानी की यह 10 फीसदी कटौती खत्म की जा सकती है. हालांकि, बीएमसी प्रशासन का कहना है कि वे इस स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और जलाशयों के पूरी तरह भरने के बाद ही कटौती वापस लेने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.




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