प्रेमी के प्यार में पागल पत्नी ने पति को करंट देकर मार डाला, जब तड़पकर मर रहा था तो दोनों कर रहे थे रोमांस, दर्दनाक हत्या

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पवन ठाकुर की हत्या के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या से जुड़ी ऐसी बातें सामने आई हैं, जिन्होंने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। मृतक के परिजनों की शिकायत और पुलिस जांच के आधार पर पवन की पत्नी आंचल, उसकी बहन और दो अन्य लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है।

पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को हत्या के साथ-साथ कथित प्रताड़ना और साजिश के एंगल से भी जांच रही है। हालांकि, मामले में सामने आए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पत्नी के कथित संबंधों को लेकर था विवाद

जानकारी के मुताबिक, पवन ठाकुर को करीब एक साल पहले अपनी पत्नी आंचल के कथित संबंधों के बारे में जानकारी हुई थी। आरोप है कि इसको लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद और तनाव चल रहा था। परिवार के लोगों के अनुसार, इसी विवाद के कारण पवन मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे।

मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि पवन ने पहले भी अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उन्होंने अपनी बहनों से कथित तौर पर कहा था कि अगर उनकी मौत हो जाए तो इसे सामान्य मौत या आत्महत्या न माना जाए।

चारपाई से बांधने का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप लगाया गया है कि घटना वाले दिन पवन को घर के भीतर चारपाई से बांध दिया गया था। उनके हाथ-पैर रस्सी से बांधे जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इस दौरान उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और विरोध करने का मौका नहीं दिया गया।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका थी।

करंट देने का गंभीर आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप पवन को बिजली का करंट दिए जाने से जुड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर बिजली के केबल के माध्यम से उन्हें कई बार करंट लगाया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब नौ बार करंट दिए जाने की बात जांच में सामने आई है।

करंट लगने के बाद पवन की हालत गंभीर होने का दावा किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिजली के करंट से मौत हुई या इससे पहले अथवा बाद में किसी अन्य तरीके से भी उन्हें नुकसान पहुंचाया गया।

पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाने का आरोप

मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि करंट देने के बाद पवन को पानी में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है।

यदि पोस्टमॉर्टम और विसरा जांच में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है, तो यह केस की दिशा में अहम सबूत साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में वैज्ञानिक जांच को प्राथमिकता दी है।

हत्या के दौरान पत्नी की मौजूदगी को लेकर भी जांच

पुलिस जांच में यह दावा भी सामने आया है कि जिस समय पवन की हालत गंभीर थी, उस दौरान उनकी पत्नी आंचल कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ मौजूद थी। इस दौरान कुछ आपत्तिजनक गतिविधियां होने के आरोप भी लगाए गए हैं।

हालांकि, पुलिस ने इन दावों को अभी जांच का विषय बताया है। अधिकारियों का कहना है कि बिना ठोस साक्ष्य के किसी भी आरोप को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, आरोपियों के बयान और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी।

पहले ही जता चुके थे जान का खतरा

मृतक के परिजनों का कहना है कि पवन को पहले से ही अपनी हत्या की आशंका थी। उन्होंने अपनी बहनों के सामने कथित तौर पर यह चिंता व्यक्त की थी कि उनकी मौत को आत्महत्या का रूप दिया जा सकता है।

परिजनों के इस दावे को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पवन ने पहले कभी किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की थी या किसी रिश्तेदार अथवा परिचित को अपनी आशंका बताई थी।

पत्नी समेत चार लोग जांच के दायरे में

मामले में पुलिस ने पवन की पत्नी आंचल, उसकी बहन और दो अन्य लोगों को नामजद किया है। आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या घटना किसी विवाद के बाद अचानक हुई। इसके साथ ही आरोपियों के बीच आपसी संबंध, मोबाइल कॉल डिटेल और घटना के समय उनकी लोकेशन की भी जांच की जा सकती है।

पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा राज

पवन ठाकुर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

इसके अलावा विसरा और अन्य नमूनों की जांच से कथित जहरीले पदार्थ के इस्तेमाल की पुष्टि हो सकती है। पुलिस बिजली के तार, रस्सी और घटनास्थल से बरामद अन्य वस्तुओं को भी जांच के लिए सुरक्षित कर सकती है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपियों की भूमिका और घटना का पूरा क्रम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


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